जमीन विवाद में की गई थी रांची के वरिष्ठ वकील की हत्या


रांची,(झारखंड)। रांची के बहुचर्चित मनोज कुमार हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को यह जानकारी मिली है कि जमीन विवाद में घटना को अंजाम दिया गया था।
रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार झा ने सोमवार को बताया कि इस हत्याकांड के खुलासे के लिए बनाए गए एसआईटी (SIT) की टीम ने पश्चिम बंगाल और ओड़िशा सहित अन्य कई स्थानों पर छापामारी कर घटना में शामिल पांच अपराधियों सोनू अंसारी, संजीत मांझी, इमदाद अंसारी उर्फ मुन्ना अंसारी, रिजवान अंसारी और शकिल अंसारी को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से घटना में प्रयुक्त एक देशी पिस्तल, 3 कारतूस, एक मोटरसाईकिल, एक कार और छह मोबाइल भी बरामद किया गया।
रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार झा ने यह भी बताया कि छानबीन में यह बात सामने आयी है कि मृतक अधिवक्ता मनोज कुमार झा संत जेवियर कॉलेज प्रबंधन की ओर से रड़गांव के जमीन संबंधी कार्यों को देखभाल करते थे। वहीं उसी जमीन पर अपराधकर्मी अफसर आलम उर्फ छोटू उर्फ लंगड़ा भी अपने अन्य सहयोगियों के साथ दावा करता था। न्यायालय द्वारा उक्त जमीन में संत जेवियर कॉलेज के पक्ष में फैसला सुनाया गया था। जिसके बाद अपराधी अफसर आलम उर्फ छोटू उर्फ लंगड़ा ने कुछ अन्य अपराधियों के साथ मिलकर योजना बनाया गया था कि अधिवक्ता मनोज कुमार झा की हत्या के बाद रास्ता साफ हो जाएगा। इसके बाद उक्त जमीन को बेचकर वे सभी आपस में पैसे का बंटवारा कर लेंगे।
बता दें कि 27 जुलाई को रांची के तमाड़ थाना क्षेत्र में अज्ञात अपराधियों ने वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज झा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस वक्त मृतक वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज झा एक निर्माणाधीन कालेज परिसर में बाउंडरी खड़ा कराने का काम करवा रहे थे। तभी शाम करीब 4 बजे मोटरसाइकिल सवार पांच अपराधकर्मी वहां पहुंचे और कार में बैठे वरिष्ठ अधिवक्ता के सीने में चार गोली दागकर उनकी हत्या कर दी और निकल भागने में सफल रहे थे।