बरेली की मीट फैक्ट्री में नौकरी कर रहे थे दो बांग्लादेशी, पकड़े गए


बरेली। बांग्लादेश और म्यांमार की महिलाओं को भारत में बेचने वाले मानव तस्कर गिरोह के सरगना मोहम्मद नूर उर्फ नूर इस्लाम को एटीएस ने दो साथियों के साथ 27 जुलाई को पकड़ा था। पूछताछ के दौरान मोहम्मद नूर ने अपना वर्तमान निवास स्थान गली नंबर- 1, ग्राम टिकरी, सेक्टर 48, गुरुग्राम हरियाणा बताया। उसकी निशानदेही पर गुरुग्राम में उसके निवास स्थान से आधार कार्ड, पैन कार्ड, विभिन्न बैंकों की पासबुक, विभिन्न कंपनियों के पहचान पत्र बरामद हुए, जिन पर मोहम्मद नूर के अलग-अलग नाम व पते अंकित थे। उसने एटीएस की पूछताछ में बताया कि बरेली में बांग्लादेश के कुछ लोगों को मीट बनाने वाली फैक्ट्री में काम दिलाया गया है।
फर्जी तरीके से बनवाए गए भारतीय पहचान पत्र
एटीएस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान मोहम्मद नूर ने बताया कि वह खंजरपारा थाना टेकनाफ, जिला कॉक्सबाजार बांग्लादेश निवासी दो लोगों- आले मियां पुत्र नूर हुसैन निवासी तथा अब्दुल शकूर उर्फ गनी पुत्र बसीर अहमद उर्फ सलामत को पैसे का लालच देकर अवैध रूप से भारत-बांग्लादेश सीमा पार कराकर भारत लाया, जो इस समय बरेली स्थित एक मीट फैक्ट्री में काम कर रहे हैं और बरेली में ही रह रहे हैं। एटीएस के मुताबिक, मोहम्मद नूर ने यह भी बताया कि इन लोगों ने फर्जी तरीके से भारतीय पहचान पत्र बनवा लिए हैं।
भारत लाने के लिए नूर ने लिए थे रुपये
मोहम्मद नूर की निशानदेही पर एटीएस ने बरेली की मोहनपुर में चल रही मीट फैक्ट्री में छापा मारा तो यहां दो बांग्लादेशियों को पकड़ लिया। वे फैक्ट्री में काम करते मिले। एटीएस ने खुलासा किया है कि पकड़े गए दोनों बांग्लादेशी अंतरराष्ट्रीय मानव तस्कर गिरोह के सदस्य हैं। आले मियां व अब्दुल शकूर उर्फ गनी से पूछताछ की गयी। एटीएस की पूछताछ में दोनों ने बताया कि मोहम्मद नूर ने उन दोनों को बरेली की मीट फैक्ट्री में नौकरी पर लगवा दिया। पूछताछ में अली मियां ने बताया कि वह बांग्लादेश का रहने वाला है और मोहम्मद नूर का रिश्तेदार है। उसने यह भी बताया है कि मोहम्मद नूर के कहने पर ही वह अवैध रूप से सीमा पार कराकर भारत आया। नूर ने ही उसे बरेली में मीट फैक्ट्री में काम दिलवा दिया था।
सीमा पार कराने के लिए 4000 बांग्लादेशी मुद्रा लेने का आरोप
अब्दुल शकूर ने एटीएस की पूछताछ में बताया कि वह मोहम्मद नूर के गांव का रहने वाला है। नूर ने उसे सीमा पार कराने के लिए 4000 बांग्लादेशी मुद्रा ली थीं। उसे मोहम्मद नूर ने अपने नाम का सिम भी दिया था। दोनों के पास से एटीएस ने कूटरचित भारतीय पहचान पत्र, पैन कार्ड, पासबुक तथा मोबाइल फोन बरामद किए। दोनों को एटीएस ने सोमवार को गिरफ्तार किया और लखनऊ ले गई। इसकी भनक बरेली पुलिस को भी नहीं लगी। जबकि ये दोनों काफी समय से बरेली में कार्य कर रहे थे।
अब शुरू किया गया बाहरी लोगों का सत्यापन
यह मामला सामने आने के बाद बरेली में पुलिस अलर्ट हो गई है। बरेली के एडीजी अविनाश चंद्र ने एसएसपी बरेली को निर्देश दिए हैं कि वह बरेली में सभी फैक्टरियों में काम करने वालों का सत्यापन तत्काल कराएं। एसएसपी बरेली रोहित सिंह सजवाण ने विदेशी और बाहरी लोगों का सत्यापन शुरू कराया है। मकान मालिकों से भी लगातार अपील की जा रही है कि वे किरायदार की सूचना थाने में दें और लिखित एग्रीमेंट के बाद ही मकान किराए पर दें, अन्यथा न दें।