आईआईएमटी स्टूडेंट का कमाल: दृष्टिबाधित लोगों की आंख बनेगा यह डिजिटल चश्मा, बीमारी या चोट लगने की अस्पताल को देगा जानकारी


नोएडा। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित आईआईएमटी कॉलेज के बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स फाइनल ईयर के स्टूडेंट ने एक डिजिटल चश्मा तैयार किया है। स्टूडेंट का दावा है कि यह चश्मा आने वाले दिनों में दृष्टिबाधित लोगों की आंख बनेगा। साथ ही रास्ते में आने वाली बाधाओं से भी यह चश्मा सावधान करेगा। कॉलेज के निदेशक और प्रफेसर इसे स्टूडेंट की बड़ी उपलिब्धि बता रहे हैं।
आईआईएमटी के फाइनल ईयर के स्टूडेंट सौरभ पटेल ने बताया कि यह डिजिटल चश्मा अर्टिफिशल इंटेलिजेंस के सिद्धांत पर कार्य करता है। ग्लास में इनबिल्ट हाई क्लैरिटी का कैमरा लगाया गया है। यह रोड पर आने-जाने वाले वाहन, व्यक्तियों, जेब्रा क्रॉसिंग आदि की जानकारी करेगा। उसके बाद चश्मे में लगे इनबिल्ट स्पीकर के जरिए व्यक्ति को सूचित करेगा। दृष्टिबाधित व्यक्ति से कोई अधिक बार मिलता है तो चश्मे में लगा कैमरा उसके चेहरे को कैप्चर कर लेगा। दोबारा मिलने पर वह उसके बारे में बता देगा।
सौरभ पटेल ने बताया कि आईआईएमटी कॉलेज के अनुसंधान वैज्ञानिक मयंक राज, रिटायर साइंटिस्ट और प्रफेसर डॉ. एसके महाजन, कंप्यूटर साइंस ऐंड इंजीनियरिंग के एचओडी डॉ. के.रामा कृष्णा के इस प्रोजेक्ट पर काम किया गया है। यह दृष्टिबाधित व्यक्ति की आंख बनने के साथ-साथ बीमार होने पर भी अस्पतालों को सूचना देगा। प्रफेसर डॉ. एस.के. महाजन ने बताया कि चश्मे को इस तरह डिजाइन किया गया है कि चोट या फिर बीमार होने पर दृष्टिबाधित व्यक्ति की ऑटोमेटिक तरीके से जानकारी अस्पताल पहुंच जाएगी। यह चश्मा टेक्नॉलजी के जरिये अस्पताल से संपर्क करेगा। उन्होंने बताया कि चश्मे को बनाने में 2 हजार रुपये का खर्च आया है।

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