नहीं बदला तालिबान, महज बदल गए साथी, बिपिन रावत बोले- भारत हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार


नयी दिल्ली। अफगानिस्तान के 33 प्रांतों पर तालिबान का राज है। समाचार माध्यमों से सामने आ रही तस्वीरों के जरिये वहां की स्थित पर अंदेशा लगाया जा सकता है। राष्ट्रपति अशरफ गनी अफगानिस्तान छोड़कर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) चले गए हैं। अमेरिका ने अपना दूतावास छोड़ दिया है और अस्थायी रूप से काबुल हवाई अड्डे से अभियान चला रहा है। फिलहाल काबुल हवाई अड्डे पर करीब 6,000 अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं, जो हवाई रास्ते से लोगों को वहां से निकालने का काम देख रहे हैं। 
इसी बीच सीडीएस जनरल बिपिन रावत का बयान सामने आया। 21वीं सदी की सुरक्षा' कार्यक्रम में सीडीएस बिपिन रावत ने कहा कि हमने तालिबान के शासन का अनुमान लगाया था। अफगानिस्तान के विषय पर उन्होंने कहा कि जो कुछ हुआ है वह कुछ ऐसा था जिसका अनुमान लगाया गया था, केवल समय बदल गया है। भारतीय नजरिए से देखा जाए तो हम तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जे का अनुमान लगा रहे थे।
उन्होंने कहा कि हम इस बात से चिंतित थे कि अफगानिस्तान से आतंकवादी गतिविधि भारत में कैसे फैल सकती है। इसलिए इससे निपटने के लिए हमारी आकस्मिक योजनाएं चल रही थी। ऐसे में आप यह कह सकते हैं कि भारत किसी भी तरह की आतंकवादी गतिविधियों से निपटने के लिए तैयार हैं। 
बिपिन रावत ने कहा कि तालिबान ने जिस तेजी से अफगानिस्तान पर कब्जा किया है उसने हमें चौंकाया है। लेकिन भारत हरस्थिति के लिए तैयार है।
समाचार एजेंसी के मुताबिक सीडीएस बिपिन रावत ने कहा कि समाचार रिपोर्ट और वहां से आए प्रवासियों की खबरें हमें बता रही हैं कि तालिबान किस तरह की गतिविधियां कर रहा है। बस इतना हुआ है कि तालिबान ने अपने साथी बदल लिए हैं। अलग-अलग साझेदारों के साथ यह वही तालिबान है।