कनॉट प्लेस की पार्किंग में खड़ी कार को अपनी बताकर चुरा ले गया


नई दिल्ली। कनॉट प्लेस की पार्किंग में खड़ी एक लग्जरी कार को एक शख्स अपनी कार बताकर चुरा ले गया। जिस जगह गाड़ी पार्क थी, वह एनडीएमसी का ऑथोराइज्ड पार्किंग एरिया था, जिसे ऑपरेट करने का जिम्मा एक प्राइवेट एजेंसी के पास है। यहां चौबीसों घंटे पार्किंग अटेंडेंट्स तैनात रहते हैं, पार्किंग में आने-जाने वाली हर गाड़ी की पर्ची कटती है और वापसी में उस पर्ची को चेक करके पार्किंग शुल्क वसूलने के बाद ही एग्जिट गेट पर लगे ऑटोमैटिक बूम बैरियर्स खोले जाते हैं, लेकिन इतना सब होने के बावजूद गाड़ी चोरी हो गई।
इस मामले में पार्किंग अटेंडेंट्स की भी बड़ी लापरवाही सामने आई। जांच में पता चला कि एक शख्स चोरी हुई गाड़ी को अपनी गाड़ी बताकर ले गया था। उसने पार्किंग अटेंडेंट से कहा कि गलती से उसकी पार्किंग की पर्ची कहीं गिर गई है। अटेंडेंट ने उसके दावे को वेरिफाई किए बिना ही गाड़ी की चाबी उस के हवाले कर दी। बाद में जब गाड़ी का असली ओनर पार्किंग में पहुंचा, तब पता चला कि गाड़ी चोरी हो गई है। उसके बाद तो पार्किंग अटेंडेंट्स के भी होश फाख्ता हो गए। 15 अगस्त के समय, जब पूरी दिल्ली में प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स, पार्किंग अटेंडेंट्स आदि को अलर्ट रखने के लिए पुलिस लगातार उनकी ब्रीफिंग कर रही है, ऐसे में कनॉट प्लेस से इस तरह गाड़ी चोरी हो जाना सुरक्षा के लिहाज से भी एक बड़ी चूक थी। यही वजह थी कि पुलिस तुरंत एक्टिव होकर आरोपी की तलाश में जुट गई और जल्द ही उसे गिरफ्तार करके चोरी की क्रेटा कार बरामद कर ली। नई दिल्ली के डीसीपी दीपक यादव ने बताया कि आरोपी की पहचान पहाड़गंज की रेलवे कॉलोनी के रहने वाले श्रेष्ठ (22) के रूप में हुई। वह नोएडा की एक नामी प्राइवेट यूनिवर्सिटी से एमबीए कर रहा है। वह ऐशोआराम से भरी जिंदगी जीना चाहता था और अपने उसी सपने को पूरा करने के लिए उसने गाड़ी चोरी की थी। बाद में उसकी निशानदेही पर पुलिस ने पहाड़गंज की रेलवे कॉलोनी स्थित डॉक्टर लेन में खड़ी चोरी की क्रेटा कार भी बरामद कर ली।
डीसीपी के मुताबिक, 28 जुलाई को कनॉट प्लेस की पार्किंग से गाड़ी चोरी की एक पीसीआर कॉल मिलने के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो वहां मौजूद जितेंद्र नाम के एक शख्स ने पुलिस को बताया कि उन्होंने पंजाब के रजिस्ट्रेशन नंबर वाली अपनी क्रेटा कार K-ब्लॉक की पार्किंग में पार्क की थी, लेकिन जब अपना काम खत्म करके वह लौटे, तो देखा कि उनकी कार गायब थी। उन्होंने पार्किंग अटेंडेंट्स से पूछताछ की, तो पता चला कि उनकी गाड़ी की चाबी उन लोगों ने किसी और को सौंप दी थी। 5 अगस्त को जब श्रेष्ठ उसी तरह से एक और गाड़ी चुराने के लिए एच ब्लॉक की पार्किंग में पहुंचा, तो पार्किंग अटेंडेंट ने तुरंत पास के पिकेट पर तैनात पुलिसवालों को सूचना दे दी। जैसे ही पुलिस वहां पहुंची, तो आरोपी भागने लगा। पार्किंग अटेंडेंट्स की मदद से पुलिसवालों ने उसे धर दबोचा।

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