बच्ची की कथित हत्या व दुष्कर्म के मामले में अपराध शाखा को सौंपी जांच, पोटेंसी टेस्ट के लिए आरोपियों को रिमांड पर लेगी पुलिस


दिल्‍ली ब्यूरो। दिल्ली कैंट के पुरानी नांगल गांव के श्मशान घाट में नौ वर्ष की बच्ची की कथित हत्या व दुष्कर्म के मामले में राजनीतिक माहौल दिन पर दिन गरमाता जा रहा है। दिल्ली पुलिस पोटेंसी टेस्ट (सेक्स करने में समर्थ है या नहीं) के लिए आरोपियों को रिमांड पर लेगी। साथ ही पोलियोग्राफी टेस्ट समेत दूसरी चिकित्सकीय जांच भी कराई जाएगी। इसके लिए पुलिस बृहस्पतिवार को कोर्ट में अर्जी लगाएगी। वहीं, दिल्ली के पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने कथित नाबालिग दुष्कर्म और हत्या के मामले को जांच के लिए अपराध शाखा को स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। जिसके बाद मामले की जांच जिले की डीआईयू से लेकर अपराध शाखा को सौंप दी गई है। वहीं, पुलिस को बुधवार को मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कुछ भी पता नहीं चला है। परिजनों ने बुधवार को भी बच्ची के शव (जलने से बचे अंगे) लेने से इनकार कर दिया। 
उधर, पुराना नांगल गांव में पीड़ित का परिवार स्थानीय लोगों के साथ इंसाफ की मांग करते हुए सड़क पर है। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, वामपंथी नेता वृंदा करात समेत दूसरे कई नेता मौके पर पहुंचे। 
इस दौरान सभी नेताओं को प्रदर्शनकारियों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। हालांकि, मृतका के परिवार से मिलकर नेताओं ने इंसाफ दिलाने का वायदा किया। केजरीवाल ने पीड़ितों को दस लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों को पूछताछ व पोटेंसी टेस्ट के लिए बृहस्पतिवार को पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। इसके लिए बृहस्पतिवार को कोर्ट में अर्जी लगाई जाएगी। पुलिस को चारों आरोपी बृहस्पतिवार को ही पुलिस रिमांड पर मिल सकते है। जिला डीसीपी इंगित प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की जांच जिले की डीआईयू से लेकर अपराध शाखा को सौंप दी गई है।
दूसरी तरफ परिजनों ने बुधवार को बच्ची का शव (अंतिम संस्कार में जलने से बचे शरीर के अंग) लेने से इनकार कर दिया। पुलिस शव को लेने के लिए परिजनों से लगातार बात कर रही है। सागरपुर थानाध्यक्ष ने डीडीयू अस्पताल जाकर अस्पताल प्रशासन को शव को परिजनों द्वारा न लेने की जानकारी दी और कहा शव को मोर्चरी में रखने के लिए कहा।
पोस्टमार्टम से कुछ भी पता नहीं लगा
डीसीपी इंगित प्रताप ता कहना है कि बच्ची के शव का मंगलवार को पोस्टमार्टम किया गया था। पुलिस को बुधवार को पोस्टमार्टम की रिपोर्ट मिल गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बच्ची की कथित हत्या व दुष्कर्म के बारे में कुछ भी खुलासा नहीं हुआ है। उनका कहना है कि ऐसे में आरोपियों का पोलियोग्राफी टेस्ट करवाया जाएगा। इससे पुलिस को जांच में एक दिशा मिल सकती है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पुलिस के पास बच्ची के बिना जले गर्दन का कुछ हिस्सा व पैर हैं। 
संस्कार की पर्ची पर बच्ची के पिता के हस्ताक्षर हैं
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अंतिम संस्कार पर बच्ची के पिता के हस्ताक्षर हैं। हस्ताक्षर को देखने से ऐसा नहीं लग रहा है कि वह जल्दबाजी में किए गए हैं। पुलिस ने अंतिम संस्कार की पर्ची को कब्जे में ले लिया है।