रेलवे रोस्टर में फर्जीवाड़ा: प्रयागराज जंक्शन में टीटीई की फर्जी ड्यूटी लगाने का खेल


  •  प्रयागराज जंक्शन पर पिछले वर्ष से ही चल रहा था खेल, पीएमओ और रेलमंत्रालय में हुई शिकायत
प्रयागराज ब्यूरो। प्रयागराज जंक्शन पर रोस्टर पर फर्जी हस्ताक्षर के जरिये कई टीटीई द्वारा ड्यूटी पर गए बगैर घर बैठे वेतन लेने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि पीएमओ और रेल मंत्रालय तक यह मामला पहुंचने के बाद रेलवे प्रशासन ने जंक्शन स्थित सीआईटी लाइन में कार्यरत एक सीआईटी को हटा दिया है। साथ ही इस पूरे मामले में जांच भी बैठा दी गई है। चर्चा है कि यह पूरा मामला विजलेंस के भी संज्ञान में है। 
दरअसल प्रयागराज जंक्शन स्थित सीआईटी लाइन में रोस्टर के जरिये ही टीटीई की ड्यूटी आदि लगाई जाती है। यहां यह जिम्मेदारी सीआईटी लाइन में तैनात सुरेंद्र कुमार पांडेय के पास काफी दिनों से है। पिछले वर्ष लगे लॉकडाउन के बाद जब रेल संचालन शुरू हुआ तो सीआईटी लाइन में तैनात कई टीटीई ड्यूटी पर वापस नहीं आए। जो टीटीई ड्यूटी पर वापस नहीं आए, उन सभी का फर्जी हस्ताक्षर रोस्टर पर हो गया।
आरोप है कि इसकी एवज में उन सभी से पैसे लिए गए। यह मामला वाणिज्य विभाग के कुछ अफसरों के समक्ष भी आया, लेकिन विभाग द्वारा कार्रवाई न करने की वजह से रोस्टर में फर्जी हस्ताक्षर करने का खेल जारी रहा। विभाग द्वारा कोई कार्रवाई न करने की वजह से इसकी शिकायत पीएमओ और रेलमंत्रालय से कर दी गई। चर्चा है कि तकरीबन 30 ऐसे टीटीई रहे जिनकी नियम विरुद्ध प्रतिदिन ड्यूटी एक ही ट्रेन में लगाई जाती है। सूत्रों के मुताबिक विजलेंस टीम भी इस पूरे मामले की जांच कर रही है। 
जंक्शन पर तैनात सुरेंद्र पांडेय के बैक स्टेटमेंट की कॉपी भी शिकायती पत्र में शामिल की गई है। इस मामले में एनसीआर के सीपीआरओ डॉ. शिवम शर्मा का कहना है कि सीआईटी लाइन में तैनात सुरेंद्र पांडेय की शिकायत सामने आने के बाद मंगलवार को ही उन्हें वहां से हटा दिया गया। उन्होंने बताया कि सीनियर डीसीएम टू विपिन सिंह ने रोस्टर प्रणाली के डिजिटाइजेशन करने की भी प्रक्रिया शुरू कर दी है। ताकि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी सामने न आए।  वहीं दूसरी ओर बताया जा रहा है कि एनसीआर के आगरा, झांसी मंडल में भी इस तरह की शिकायत की गई है।