उत्‍तर-पूर्वी दिल्‍ली जिला पुलिस ने सांप्रदायिक सौहार्द्र पर आधारित कार्यक्रम उम्मीद का किया आयोजन


दिल्ली ब्यूरो। राजधानी दिल्ली की उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस ने फरवरी-2020 में हुए दंगे के बाद उत्तर-पूर्वी जिले में फैले द्वेष को खत्म करने के लिए सांप्रदायिक सौहार्द्र विषय पर आधारित 'उम्मीद- एक कदम एक साथ, बेहतर कल की ओर' कार्यक्रम की शुरुआत की है। कार्यक्रम का आयोजन उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस की ओर से श्यामलाल कॉलेज में किया गया। दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना पदभार संभालने के बाद पहली बार इस सार्वजनिक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे, वह भी दंगा प्रभावित क्षेत्र में। पुलिस आयुक्त ने उम्मीद नाम के कार्यक्रम की शुरुआत की। पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने कहा कि शांति और सौहार्द्र बिगाड़ने वालों को बख्‍शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों की पहचान करने के साथ ही उन्हें कानून के अनुसार सजा दिलाई जानी चाहिए। पिछले साल उत्‍तर-पूर्वी दिल्‍ली में हुए दंगों को उन्‍होंने दुखद बताया।  'जब दंगे हुए उस दौरान मैं दिल्ली पुलिस में नहीं था। हालांकि, एक पुलिस अधिकारी होने के नाते इस बारे में सुनना मेरे लिए बेहद दुखद था। मुझे अफसोस था कि इस तरह की समस्या दिल्ली जैसे शहर में उत्पन्न हुई, जहां लोग दंगे जैसी बात पूरी तरह भूल चुके थे।'
उन्होंने कहा, 'कोई समुदाय या धर्म बुरा नहीं है। धर्म का अनुसरण करने वाले लोग बुरे नहीं हैं। लेकिन, हर समुदाय में कुछ ऐसे लोग हैं, जिन्हें मैं असामाजिक तत्व कहता हूं और जिनकी वजह से माहौल खराब होता है। पुलिस आयुक्त ने कहा, 'हमें समाज के भीतर मौजूद ऐसे लोगों की पहचान करने का प्रयास करना चाहिए और उन्हें कानून के अनुसार सजा दिलानी चाहिए। पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने क्षेत्र में शांति स्थापना के लिए उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस की सरहाना की। पुलिस आयुक्त ने कहा क्षेत्र में जो भी शांति स्थापित हुई है वो ऐसे ही कार्यक्रमों के चलते हुई है। शांति स्थापित हुई है क्योंकि लोगों का विश्वास है कि समाज में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। 'जिला पुलिस ने नागरिक भाईचारा समिति कमेटी बनाई है, जो जिले में सद्भावना बढ़ाने के लिए काम करेगी। दंगे में जान गंवाने वाले हेड कांस्टेबल रतनलाल के नाम से पुलिस ने अवार्ड देने का सिलसिला भी शुरू किया है। 

उत्तर पूर्वी जिला में कई दिनों तक दंगा चला था, जिसमें 53 लोगों की जान गई थी। बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। पुलिस ने जो भाईचारा समिति बनाई है, उसकी प्रशंसा कई बालीवुड स्टार्स और खिलाड़ियों ने भी की है। इस कार्यक्रम में दंगे में जान गंवाने वाले हेड कांस्टेबल रतनलाल की पत्नी और बच्चे मुख्य रूप से शामिल हुए। पुलिसकर्मियों ने नम आंखों से रतनलाल को याद किया। कुछ दिनों पहले पुलिस ने दंगा प्रभावित इलाकों के स्कूलों में सद्भावना विषय पर चित्रकला और लेखन प्रतियोगिता आयोजित की थी, इसमें प्रथम तीन स्थान पाने विद्यार्थियों को रतनलाल अवार्ड से नवाजा गया। गत सप्ताह खजूरी थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के दाैरान दो बदमाशों को ढेर करने वाली पुलिस टीम और हीरो आफ द वीक चुने गए पुलिसकर्मियों को भी आयुक्त ने सम्मानित किया।

कोरोना की वजह से कई लोगों की जानें गई थी, कई परिवारों ने अपनाें का अंतिम संस्कार तक नहीं किया। आगे बढ़कर पुलिस ने संस्कार किए थे। आयुक्त ने एक एंबुलेंस जिला पुलिस को दी, जिससे पुलिस आत्मनिर्भर बने। जिले के पुलिसकर्मियों के उन बच्चों को भी अवार्ड दिए गए, जो 10वीं और 12वीं में अच्छे नंबर लेकर आएं हैं। उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त संजय सेन ने कहा कि द्वेष की भावना व क्रूरता को सबकाे मिलकर हराना है और भाईचारा समिति को इसमें अहम किरदार निभाना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के सामाजिक कार्यक्रमों से देश की एकता अखंडता बढ़ती है, ऐसे कार्यक्रमों में पुलिस जनता का हमेशा साथ देगी। इस मौके पर संयुक्त पुलिस आयुक्त सागर हुड्डा, शहादरा जिला पुलिस उपायुक्त आर सत्यसुंदरम, एसीपी ए वेंकटेश, हरीश कुकरेती सहित कई अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।


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