मथुरा में पकड़ी गई सिंथेटिक दूध बनाने की फैक्टरी, सात गिरफ्तार


मथुरा। मथुरा में सिंथेटिक दूध का जहरीला कारोबार चल रहा था। मथुरा की थाना बलदेव पुलिस को सिंथेटिक दूध के गोरखधंधे का खुलासा किया है। पुलिस ने जुगसना गांव में सिंथेटिक दूध बनाने की एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। पुलिस को मौके से टैंकर व अलग अलग ड्रमों, टंकियों और हौज में भरा करीब 10 हजार लीटर सिंथेटिक दूध बरामद हुआ। पुलिस ने इस अवैध कारोबार के सरगना मुन्नालाल अग्रवाल समेत अतुल अग्रवाल, आकाश अग्रवाल, अजरुद्दीन, अकील खान, जगन्नाथ और सुधीर को गिरफ्तार किया।
भारी मात्रा में रिफाइंड ऑयल और स्किम्ड मिल्क पाउडर बरामद
मथुरा के बलदेव थाना क्षेत्र के जुगसना गांव में सिंथेटिक दूध के जहरीले कारोबार का खुलासा करते हुए एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने वहां से बरामद हुई सामग्री और उपकरणों की जो सूची दी उनकी संख्या 30 है। इनमें सबसे अधिक मात्रा में 25 कुंटल स्किम्ड मिल्क पाउडर और रिफाइंड आयल की 50 टीन शामिल हैं। इसके अलावा डिटर्जेंट पाउडर, कास्टिक सोडा, हाइड्रोजन पैराक्साइड, मिक्सिंग मशीन, फैट मशीन, क्रीम मशीन और वजन नापने की मशीन समेत अन्य तमाम उपकरण व सामग्री पुलिस के हाथ लगी। पुलिस को मौके से लोहे की बड़ी कढ़ाई भी मिली जिसमें सिंथेटिक दूध को गर्म करने के बाद सिंथेटिक पनीर बनाया जाता था।
मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि स्किम्ड मिल्क पाउडर में पानी मिलाकर मशीनों के जरिए घोल तैयार करके इसमें रिफाइंड ऑयल डाला जाता था। इस रिफाइंड ऑयल की सही तरीके से मिक्सिंग के लिए सिंथेटिक दूध का जहरीला कारोबार करने वाले समाज के दुश्मन इसमें डिटर्जेंट पाउडर भी मिलाते थे। इतना ही नहीं इस प्रकार तैयार हुआ दूध लंबे समय तक चले इसके लिए इनके द्वारा इसमें कास्टिक सोडा व अन्य केमिकल भी मिलाए जाते थे।
मक्खन भी होता था तैयार
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर के अनुसार स्किम्ड मिल्क और रिफाइंड को मशीन से मिक्सिंग करके इसमें से मक्खन भी तैयार किया जाता था। इस प्रकार अलग अलग डेरियों और बाजारों में स्थित दुकानों से होकर हमारे आपके घरों तक पहुंचा दूध के नाम पर यह सिंथेटिक कृत्रिम सफेद केमिकल युक्त पानी सेहत के लिए कितना खतरनाक साबित हो सकता है इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है।
मथुरा के एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस अवैध कारोबार के सरगना प्रेमचंद्र ने प्रेमचंद्र अग्रवाल मिल्क कलेक्शन सेंटर के नाम से एक फर्म रजिस्टर्ड करा रखी है। इसी की आड़ में यह सभी मिलकर मिलावटी कृत्रिम सिंथेटिक दूध तैयार करके आसपास के स्थानीय बाजारों के अलावा इगलास और सादाबाद की डेरियों में अपने ही टैंकरों से सप्लाई करते थे। उन्होंने बताया कि सिंथेटिक दूध से ही मक्खन और क्रीम भी तैयार की जा रही थी।
दिल्ली, फरीदाबाद और मथुरा में होती थी सप्लाई
एसएसपी के अनुसार इगलास की डेरी में इसी सिंथेटिक दूध से बड़े पैमाने पर पनीर तैयार किया जाता था जिसे दिल्ली, फरीदाबाद और मथुरा आदि शहरों में सप्लाई किया जाता था। उन्होंने बताया कि मौके से बरामद हुए सिंथेटिक दूध का खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा सैंपल लेकर इसकी जांच कराई जा रही है और इसको एसडीएम की उपस्थिति में नष्ट करा दिया गया है।

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