बिल्हौर में ब्राह्मण सम्मेलन कराने की तैयारी में बीएसपी


कानपुर ब्यूरो। यूपी विधानसभा चुनाव-2022 आने वाले दिनों में और भी दिलचस्प होने वाला है। सभी राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने तरीके से वोटरों को लुभाने में जुटी हैं। बहुजन समाज पार्टी (BSP) का हाथी ब्राह्मण वोटरों का साथी बन गया है। बीएसपी प्रदेश भर में प्रबुद्ध वर्ग गोष्ठी (ब्राह्मण सम्मेलन) का आयोजन कर रही है। बीएसपी कानपुर में भी प्रबुद्ध वर्ग गोष्ठी का आयोजन करने वाली है। वहीं, बीएसपी इस बात पर मंथन कर रही है कि कुख्यात अपराधी विकास दुबे जिस विधानसभा क्षेत्र में रहता था, उस क्षेत्र में ब्राह्मण सम्मेलन कराया जाए या नहीं।
बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा के साथ खुशी दुबे के माता-पिता भी मंच पर नजर आ सकते हैं। बीएसपी ने खुशी को न्याय दिलाने का वादा किया है। सतीश चंद्र मिश्रा ने एलान किया था कि खुशी दुबे के केस को सुप्रीम कोर्ट ले जाएंगे और उसे न्याय दिला कर रहेंगे। बीएसपी ब्राह्मण सम्मेलन में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। बीएसपी 2007 विधानसभा चुनाव मॉडल पर ही 2022 विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।
बीएसपी ने 2007 विधानसभा चुनाव में कानपुर की घाटमपुर, बिठूर और बिल्हौर विधानसभा सीटों पर शानदार जीत दर्ज की थी। इसके बाद से बीएसपी का कानपुर में खाता भी नहीं खुला है। 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव में बीएसपी कानपुर और कानपुर मंडल में एक भी सीट पर जीत दर्ज नहीं कर पाई है। बीएसपी को जीत का स्वाद चखे हुए एक दशक बीत चुका है। बीएसपी सुप्रीमो मायावती विधानसभा चुनाव 2022 में विपक्ष को कोई भी मौका नहीं देना चाहती हैं।
कानपुर में बीएसपी का ब्राह्मण सम्मेलन चार सितंबर को होना है। जिसकी तैयारियां अभी से शुरू कर दी गई हैं। बीएसपी का ब्राह्मण सम्मेलन ऐसी जगह पर होना है, जहां से कानपुर-कानपुर देहात के कार्यकर्ता और पदाधिकारी आसानी से आ सकें। पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी इस बात पर मंथन कर रहे हैं कि कानपुर की कौन से विधानसीट सीट पर ब्राह्मण सम्मेलन कराया जाए। विकास दुबे का गांव बिकरू बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र में आता है। इसलिए बिल्हौर विधानसभा सीट ब्राह्मण सम्मेलन के लिए पहली पसंद है, लेकिन बिल्हौर विधानसभा सीट सुरक्षित सीट है।
बीएसपी कानपुर में विकास दुबे एनकांउटर पर उठा सकती है सवाल
कानपुर में बीएसपी ब्राह्मण सम्मेलन के जरिए विकास दुबे एनकांउटर पर सवाल उठाते हुए प्रदेश सरकार को घेरने का काम करेगी। दुर्दांत अपराधी विकास दुबे के संबंध सभी राजनीतिक पार्टियों के नेताओं से थे। विकास दुबे ने खादी और खाकी के बीच ऐसा गठजोड़ बनाया था कि तीन दशक तक बिकरू और उसके आसपास के इलाकों में उसका नाम चलता था।