विकास दुबे की मूर्ति लगवाने का किया था ऐलान, ब्राह्मण महासभा के नेता पर मुकदमा दर्ज करने की मांग


कानपुर ब्यूरो। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 नजदीक आते ही सभी राजनीतिक पार्टियां ब्राह्मण वोटरों को लुभाने में लगी हैं। वहीं अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने कुख्यात अपराधी विकास दुबे और श्रीप्रकाश शुक्ला की मूर्तियां लगवाने का एलान किया था। राजेंद्रनाथ त्रिपाठी के विवादित बयान पर यूपी में इस बात की बहस छिड़ गई थी, कि क्या किसी अपराधी को प्रतिमाएं लगाईं जा सकती हैं। कानपुर में मंगलवार को अधिवक्ताओं ने राजेंद्रनाथ त्रिपाठी के खिलाफ पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
कानपुर के चौबेपुर में बीते 27 जुलाई को ब्राह्मण महासम्मेलन का आयोजन किया गया था। जिसमें ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी मुख्य अथिति के रूप में शामिल हुए। उन्होने प्रदेश सरकार पर जमकर हमला किया था। राजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने खुले मंच से कहा था कि जब डकैत फूलनदेवी की मूर्तियां लग सकती हैं, तो विकास दुबे और श्रीप्रकाश शुक्ला की मूर्तियां क्यों नहीं लग सकती हैं। राजेंद्रनाथ शुक्ला ने कहा था कि मैं विकास दुबे और श्रीप्रकाश शुक्ला की प्रतिमाएं लगवाऊंगा। इसके साथ ही उन्होने कहा कि भगवान श्री परशुराम का भव्य मंदिर बनवाया जाएगा।
किसी अपराधी को महापुरूष कैसे कहा जा सकता है
कानपुर में अधिवक्ता सर्वेश शुक्ला ने पुलिस कमिश्नर असीम अरूण को ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्रनाथ त्रिपाठी के खिलाफ ज्ञापन सौंपा है। इसके साथ सर्वेश शुक्ला ने राजेंद्रनाथ त्रिपाठी के मुकदमा दर्ज करने की मांग रखी है। उन्होने का कि विकास दुबे और श्रीप्रकाश शुक्ला अपराधी थे। किसी अपराधी को महापुरूष कैसे कहा सकता है। एक अपराधी की मूर्तियां किसी भी कीमत पर नहीं लगाई जा सकती हैं।
अधिवक्ता सर्वेश शुक्ला ने बताया कि इन दिनों खबरें चल रही है कि कुख्यात अपराधी विकास दुबे और श्रीप्रकाश शुक्ला को महापुरूष बताया जा रहा है। हम लोग भी ब्राह्मण समाज हैं, विकास दुबे और श्रीप्रकाश शुक्ला को महापुरूष को संज्ञा नहीं दी जा सकती है। अपराधी की कोई जाति नहीं होती है। यदि दोनों अपराधियों की मूर्ति लगती है, और इन पर कार्रवाई नहीं होती है। हम लोग आमरण अनशन करेंगे, और कोर्ट की शरण लेंगे।