शहीद के नाम पर और फर्जी आईडी दिखाकर महिला से ऑनलाइन ठगी


  • शहीद के नाम की फर्जी आईडी दिखाकर महिला से ऑनलाइन ठगी
  • कोरोना की दूसरी लहर में महिला ने अपने पति को खो दिया था
  • महिला के मुताबिक, उसके अकाउंटे से 32 हजार रुपये कट गए
नई दिल्ली। कोरोना की सेकंड वेव में पति की मौत के सदमे से परिवार उबर भी न पाया कि पैसों की तंगी से जूझ रहे परिवार को साइबर अपराधियों ने ठग लिया। एक शहीद सैनिक के नाम का मिसयूज करते हुए ठगों ने ने फेक आधार कार्ड, पैन कार्ड, आर्मी कार्ड तैयार किया। रेंट पर फ्लैट लेने के लिए एडवांस पेमेंट भेजने के नाम पर 32 हजार रुपए ऐंठ लिए। मामले में साइबर सेल जांच कर रही है।
पीड़ित 47 साल की अंजू बक्शी ने बताया कि वह मूलरूप से दिल्ली की हैं। कुछ समय पहले नोएडा सेक्टर-76 में शिफ्ट हुई हैं। नोएडा सेक्टर-34 में एक फ्लैट है। पति राजेश बक्शी का निधन हो चुका है। परिवार में उनका 21 वर्षीय बेटा मयंक बक्शी और 18 वर्षीय बेटी मेघना बक्शी हैं। दोनों अभी पढ़ाई कर रहे हैं। राजेश ऑनलाइन स्प्रिचुअल वेबसाइट चलाते थे। कोरोना की सेकंड वेव के शुरुआती हफ्ते में बेटी को छोड़कर सभी कोविड की चपेट में आ गए। हालत इतने बदतर थे कि अस्पताल में बेड नहीं मिला। बेबस होकर घर पर ही अलग-अलग रूम में क्वारंटीन हो गए। बुखार, सांस लेने की दिक्कतें शुरू हो गईं। इस बीच 23 अप्रैल को घर में ही पति ने दम तोड़ दिया। कोरोना की भीषण लहर के बीच वह पति के शव को अपने बेटे और बेटी के साथ काफी मशक्कत कर अंतिम संस्कार के लिए लेकर गईं।
कुछ दिन बाद उन्होंने प्रॉपर्टी पोर्टल पर सेक्टर-34 के फ्लैट के फोटो और रेंट की डिटेल पोस्ट की। अगले ही दिन कॉल आया। फोन करने वाले ने बोला कि वह सचिन शर्मा आर्मी से बोल रहे हैं और झारखंड में तैनात हैं। दिल्ली में पोस्टिंग हो गई है। परिवार में बेटी और वाइफ हैं। उसने कहा कि अर्जेंट नोएडा में शिफ्ट होना है। उन्होंने कहा कि आप जब दिल्ली आओ तब फ्लैट देखकर रेंट दे देना। उसने कहा जल्दी है ताकि शिफ्टिंग के काम को पूरा कर सके। उस शख्स ने कहा कि उसने उनके पेटीएम नंबर पर 14 हजार रुपये भेज दिए हैं। इस पर उन्होंने उससे कहा कि पैसे नहीं आए हैं। इस पर शख्स ने एक क्यूआर कोड स्कैन करने को कहा। स्कैन करते ही उनके अकाउंट से 14 हजार रुपये कट गए। अंजू ने कहा कि पैसे आने की बजाय कट गए हें। शख्स ने ट्रांजेक्शन में दिक्कत का हवाला देते हुए फिर से क्यूआर कोड स्कैन करने को कहा। इस बार भी अंजू के अकाउंट में रकम आने की बजाय कट गई।
अंजू के अनुसार उनके अकाउंट से 32 हजार रुपए कट गए। उनके शक करने पर शख्स ने वॉट्सऐप पर अपना आर्मी का आईडी प्रूफ, पैन कार्ड, आधार कार्ड, व अन्य दस्तावेज की कॉपी भेजी। इस पर उन्हें यकीन हो गया कि शख्स आर्मी से ही है, लेकिन फिर से जब उस शख्स ने क्यूआर कोड स्कैन करने को बोला तो उन्होंने इनकार कर दिया। उसके बाद वह शख्स बदसलूकी करने लगा। अंजू के मुताबिक, उस रात और अगले दिन तक वह कॉल करके एक और बार क्यूआर कोड स्कैन करने के लिए दबाव बनाता रहा। उन्होंने एफआईआर कराने की बात बोली तो वह धमकी देने लगा कि जो चाहे कर लो। उस शख्स के नंबर को दूसरे मोबाइल से डायल करके चेक किया तो ट्रूकॉलर में 'स्कैम' के नाम से आया। सचिन के बारे में पता किया तो मालूम चला कि यह आर्मी का शहीद जवान है, जिसके नाम की फोटो आईडी, पैन कार्ड, आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल हो रहा है। इसके बाद लोकल पुलिस, साइबर पुलिस, दिल्ली पुलिस कमिश्नर, दिल्ली साइबर सेल, होम मिनिस्ट्री के साइबर पोर्टल को सभी प्रूफ के साथ कंप्लेंट भेजी। अब मामले की पुलिस जांच में जुटी है।

Popular posts from this blog

उत्तर पूर्वी जिला पुलिस ने ऑपरेशन अंकुश के तहत छेनू गैंग के चार बदमाशों को किया गिरफ्तार

जीटीबी एंक्लेव थाने में तैनात दिल्ली पुलिस की महिला एसआई ने लगा ली फांसी, पुलिस ने बचाई जान

रोटरी क्लब इंदिरपुरम परिवार के पूर्व प्रधान सुशील चांडक को ज़ोन २० का बनाया गया असिस्टंट गवर्नर