प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट कोरोना के मरीज का बिल 1 करोड़ 80 लाख


नई दिल्ली। कोरोना के इलाज के लिए मैक्स अस्पताल में एडमिट हुए एक मरीज का 1 करोड़ 80 लाख का बिल आया है। कोरोना के इलाज में यह अब तक का सबसे भारी भरकम बिल बताया जा रहा है। आम आदमी पार्टी के विधायक सोमनाथ भारती ने सोशल मीडिया के जरिए पूरे मामले को सामने लाते हुए इस पर दुख जताया और जांच की मांग की। वहीं कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी इस मामले को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की और ट्वीट कर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया से शिकायत की है। तिवारी ने इस मामले में जांच की मांग की है। विधायक सोमनाथ भारती ने सबसे पहले इस मामले को लेकर ट्वीट कर जानकारी दी है। भारती ने जैसे ही इसे लेकर ट्वीट किया, मुद्दा वायरल होने लगा और लोग भी प्रतिक्रिया देने लगे। वहीं भारती का कहना है कि एक दिन पहले उनके पास एक महिला आई थी। महिला ने बताया कि उनके पति को कोरोना हो गया था, मैक्स साकेत में एडमिट थे। महिला ने उन्हें एक करोड़ 80 लाख का बिल दिखाया। उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था। उन्होंने इस मामले में सख्त एक्शन की बात कही है।
कोविड से ठीक होने के बाद 6 महीने तक किडनी फेल का खतरा, आखिरी स्टेज में चल रहा है समस्या का पता
वहीं, इस मामले में अस्पताल प्रशासन का कहना है कि 28 अप्रैल को मरीज एडमिट हुए थे। उन्हें सीवियर निमोनिया था। उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया। 10 मई को उन्हें एक्मो पर डाला गया। वह लगातार 75 दिनों तक एक्मो पर रहे। 23 जुलाई को वह एक्मो से बाहर आए। 6 सितंबर को मरीज को अस्पताल से छुट्टी मिली। कुल 132 दिनों तक मरीज अस्पताल में रहे और इसमें से 75 दिन एक्मो पर रहे। अस्पताल का कहना है कि मरीज की स्थिति सीवियर थी। वो डायबीटीज के शिकार थे, हाइपरटेंशन था। उन्हें कई प्रकार के कॉम्पिलेकेशन था, गॉल ब्लैडर में इंफेक्शन था, लोअर लिंब में क्लॉटिंग, सेपसिस और लिवर संबंधी दिक्कत भी थी। यही नहीं अस्पताल का यह भी कहना है जब मरीज को छुट्टी दी जा रही थी तो उन्होंने किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं बताई, वो इलाज से खुश थे।