बाइक बोट घोटाले की तर्ज पर 17 हजार लोगों को फंसाया, करोड़ों का फ्रॉड, नोएडा पुलिस ने गाजियाबाद के दंपती को किया गिरफ्तार


नोएडा। बाइक बोट की तर्ज पर करीब 17 हजार लोगों के साथ करोड़ों रुपये का फ्रॉड करने वाली केडीएम बाइक इंटरप्राइजेज प्रोपराइटर (गो वे) कंपनी के मालिक और उनकी पत्नी को नोएडी की बीटा-2 पुलिस ने गुड़गांव से गिरफ्तार किया है। 2019 से पुलिस को आरोपी दंपती की तलाश थी।
ग्रेटर नोएडा के विभिन्न थानों में आरोपित के खिलाफ 14 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस एनसीआर के अन्य थानों में दर्ज मुकदमा की लिस्ट तैयार कर रही है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।
रुपये दोगुना करने का दिया लालच
केडीएम बाइक इंटरप्राइजेज प्रोपराइटर (गो वे) कंपनी ने दिल्ली एनसीआर समेत देश के कई शहरों के लोगों को रुपये दोगुने करने का लालच दिया था। कंपनी ने 17 हजार से अधिक लोगों के साथ फ्रॉड किया। कंपनी के मालिक अनिल सेन और उनकी पत्नी मीनू सेन ग्रेटर नोएडा से अपना ऑफिस बंद कर फरार हो गए थे।
गाजियाबाद के रहने वाले हैं दंपती
16 जून 2019 में पीड़ित निवेशक जब ग्रेटर नोएडा के जीएनएस प्लाजा साइट फोर स्थित ऑफिस पर पहुंचे तो वहां ताला लगा हुआ था। बीटा-2 कोतवाली आरोपित अनिल सैन व मीनू निवासी एलडिगो ग्रीन मिडोस, सेक्टर पाई-1 ग्रेनो को गुड़गांव (हरियाणा) से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी दंपती मकान नंबर-8 अफजलनगर सिटी, थाना लोनी, गाजियाबाद के रहने वाले हैं।
आरोपी दंपती ने शहर में बाइक बोट की तर्ज पर बाइक टैक्सी चलाने कि प्लानिंग की थी। केडीएम इंटरप्राइजेज प्रोप्राइटर के नाम पर कंपनी खोलकर लोगों से धोखाधड़ी करके 62-62 हजार रुपये की एक-एक आईडी बेची। लोगों को झांसा सस्ते दामों में बाइक उपलब्ध कराने व उसको कंपनी में लगवाने के नाम पर बेचकर करोडों रुपये की ठगी की। अफगानिस्तान के रहने वाले एक युवक ने भी कंपनी में लाखों रुपये लगाए थे। उसने भी ठगी की रिपोर्ट बीटा-2 कोतवाली में दर्ज कराई है। युवक एक कॉलेज से पढ़ाई करता है और साइड बिजनेस के लिए उसने कंपनी में रकम लगाई थी।