पूर्वी दिल्ली नगर निगम सदन में हंगामा और तोड़फोड़, आप के 17 पार्षद निलंबित


राजीव गौड़,(दिल्ली ब्यूरो)। पूर्वी दिल्ली नगर निगम की सोमवार को आयोजित बैठक में हंगामा करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में महापौर श्याम सुंदर अग्रवाल ने आम आदमी पार्टी (आप) के 17 पार्षदों को 15 दिन के लिए निलंबित कर दिया है। दोपहर ढाई बजे पूर्वी निगम की बैठक शुरू हुई। महापौर ने भ्रष्टाचार के मुद्देे पर बातचीत शुरू की। उन्होंने भ्रष्टाचार के मामलों का जल्द निपटारा करने व निगम के भ्रष्ट अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने की बात की, नेता विपक्ष मनोज कुमार त्यागी आम आदमी पार्टी के सहयोगी पार्षदों के साथ उनकी सीट के सामने आ गए और नारेबाजी और हंगामा करने लगे। ऐसा करने से रोका गया तो सभी सत्ता पक्ष के पार्षदों से हाथापाई पर उतारू हो गए। इस दौरान पार्षदों के सामने लगे माइक और शीशे तोड़ दिए गए, सरकारी संपत्ति को तहस नहस कर दिया। महापौर ने बताया कि सदन की मर्यादा के खिलाफ आप पार्षदों की कार्यशैली को देखते हुए दो महिला पार्षदों रेखा दीक्षित और रेशमा को छोड़कर बाकी सभी को 15 दिन सदन की कार्यवाही से निलंबित कर दिया है।
महापौर ने बताया कि सदन का सहयोग करने के लिए 10 एल्डरमैन मनोनीत किए गए थे, इन्हें भी बर्खास्त कर दिया। इनकी नियुक्ति निगम से संबंधित किसी भी विषय पर विशेष सुझाव देने के लिए की गई थी। देखा गया है कि ये हमेशा विपक्ष के साथ मिलकर सदन की कार्यवाही में व्यवधान डालने का कार्य करते हैं। सोमवार को इन्होंने मर्यादाओं को पार किया और सदन में तोड़फोड़ में सहयोग किया। महापौर ने बताया कि मुकेश यादव, हबीब उल हसन, राजकुमार गर्ग, घनेन्द्र भरद्वाज, शालिनी सिंह, जितेन्द्र कुमार, रामराज तिवारी और अनीता सिंह सोमवार को हुई घटना में शामिल थे।
नेता विपक्ष आप पार्षद मनोज कुमार त्यागी ने अपने समेत सहयोगियों पर हुई निलंबन की कार्रवाई को असांविधानिक बताया है। उन्होंने इसका विरोध करते कहा कि वह भ्रष्टाचार के तीन विषयों पर चर्चा कराने की मांग कर रहे थे, लेकिन भाजपा को मालूम था कि इन पर चर्चा हुई, तो उनकी पोल खुल जाएगी। इसलिए सत्ताधारी भाजपा के पार्षद चर्चा कराने से बचते रहे। उलटामहापौर ने अपने अधिकारों का गलत प्रयोग करते हुए विपक्ष के 17 पार्षदों को 15 दिन के लिए निलंबित कर दिया।