गाजियाबाद इंटरनैशनल क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण में 20 करोड़ के घोटाले का आरोप



गाजियाबाद ब्यूरो। राजनगर एक्सटेंशन के निकट ग्राम मोरटी में बन रहे इंटरनैशनल क्रिकेट स्टेडियम की जमीन खरीद को लेकर विवाद शुरू हो गया है। जीजेडबी क्रिकेट असोसिएशन के डायरेक्टर प्रवीण त्यागी ने स्टेडियम हेतु खरीदी गई जमीन में गाजियाबाद क्रिकेट असोसिएशन (जीसीए) के डायरेक्टर राकेश मिश्रा पर करोड़ों रुपये का घोटाला करने का आरोप लगाया है। प्रवीण का आरोप है कि मिश्रा ने अपने करीबियों के माध्यम से पहले सस्ती दरों पर डूब क्षेत्र में किसानों से जमीन ली और फिर वही जमीन यूपीसीए को महंगे रेट पर बेच दी। वहीं, राकेश मिश्रा ने इन आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि वह इस संबंध में प्रेस के सामने सच्चाई रखेंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीजेडबी क्रिकेट असोसिएशन के डायरेक्टर प्रवीण त्यागी ने बताया कि इस स्टेडियम के निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश क्रिकेट असोसिएशन ने राकेश मिश्रा को दी थी। राकेश मिश्रा ने जमीन का चयन ऐसी जगह किया, जो डूब क्षेत्र है और साथ ही पास में हिंडन एयरफोर्स स्टेशन है, जहां से फ्लाइट आती-जाती है। इसी के चलते स्टेडियम को आज तक एनओसी नहीं मिल पाई है।
लिखित में बताया कि मिश्रा ने स्टेडियम के लिए जो जमीन खरीदी है, उसे 2015 में फरवरी से लेकर मार्च तक पहले अपने मित्रों व परिचितों के नाम से 3200 रुपये प्रतिमीटर की दर पर खरीदी। इसके 2 महीने बाद ही यूपीसीए को इस जमीन को 5500 रुपये प्रतिमीटर के हिसाब से बिकवा दी। आरोप है कि यूपीसीए द्वारा जमीन के लिए दिए गए 100 करोड़ रुपये में से करीब 20 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाया गया है। बता दें कि यहां 34 एकड़ में यह स्टेडियम बनना है।
प्रवीण त्यागी ने यह आरोप भी लगाया कि जमीन खरीदे जाने के बाद उस पर जानबूझकर हाई वोल्टेज की लाइन भी बिछवाई गई, बाद में इसे हटाने के लिए 16 करोड़ रुपये देने होंगे। प्रवीण त्यागी का कहना है कि राकेश मिश्रा ने स्टेडियम के पास ही अपने दो स्टेडियम भी खोल लिए, जबकि नियमानुसार संस्था का पदाधिकारी ऐसा नहीं कर सकता है।
जीसीए के सारे ट्रायल भी यहीं कराए जाते हैं और इसके लिए खिलाड़ियों से पैसे भी लिए जाते हैं, जबकि यूपीसीए की ओर से ट्रायल के आयोजन के लिए पैसा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि राकेश मिश्रा की गलत नीतियों व स्वार्थ के चलते ही छह वर्ष बाद भी स्टेडियम का निर्माण नहीं हो पाया है। इस संबंध में उन्होंने यूपीसीए, प्रदेश सरकार और लोकपाल को शिकायत की है। उनका कहना है कि वह इसकी जांच ईडी से कराने की मांग करेंगे।
वहीं राकेश मिश्रा का कहना है कि उन पर जो भी आरोप लगाए गए हैं, वे गलत हैं। इंटरनैशनल स्टेडियम का निर्माण बीसीसीआई व यूपीसीए की देखरेख में नियमानुसार ही हो रहा है।