दिल्ली के सलून को गलत तरीके से बाल काटना पड़ा महंगा, देना होगा 2 करोड़ रुपये का मुआवजा


नई दिल्ली। दिल्ली के एक सलून को गलत तरीके से महिला के बाल काटना महंगा पड़ा। राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निस्तारण आयोग ने सलून को उस महिला को 2 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। सैलून को मुआवजे की राशि का भुगतान 8 हफ्ते यानी करीब दो महीने में करना है। आयोग ने कहा कि महिलाओं को अपने बालों का बहुत ख्याल रहता है और वे उनका ध्यान रखने के लिए काफी पैसे खर्च करती है। महिलाओं उनसे भावनात्मक रूप से जुड़ी रहती हैं।
एनसीडीआरसी ने दिल्ली एक होटल में स्थित सलून को निर्देश दिया कि महिला के बाल गलत तरीके से काटने और गलत हेयर ट्रीटमेंट देकर बालों को स्थाई नुकसान पहुंचाने के एवज में उसे 2 करोड़ रुपये का मुआवजा दे। आयोग के अध्यक्ष आरके अग्रवाल और सदस्य डॉ. एसएम कांतिकर की पीठ ने कहा कि महिलाओं को अपने बालों का बहुत ख्याल रहता है और उनका ध्यान रखने के लिए वे काफी पैसे खर्च करती हैं। उनका बालों से भावनात्मक लगाव होता है।
आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता आशना रॉय अपने लंबे और सुंदर बालों के कारण ‘हेयर प्रोडक्ट’ की मॉडल थीं और उन्होंने कई बड़े ‘हेयर-केयर ब्रांड’ के लिए मॉडलिंग की है। सलून ने उनके निर्देश से उलट गलत बाल काटे और इसके कारण उन्हें अपने काम से हाथ धोना पड़ा। इससे उन्हें बहुत नुकसान हुआ, उनका पूरा रहन-सहन बदल गया और टॉप मॉडल बनने का उनका सपना टूट गया। पीठ ने 21 सितंबर के अपने आदेश में कहा कि वो प्रबंधन के क्षेत्र में वरिष्ठ पदाधिकारी के रूप में काम कर रही थी और अच्छा पैसा कमा रही थी। उसके बाल काटने में हुई लापरवाही के कारण उसे गंभीर मानसिक प्रताड़ना और तनाव से गुजरना पड़ा। वो अपने काम पर ध्यान नहीं दे पाई और अंतत: उनकी नौकरी चली गई।
आयोग के कहा कि इसके अलावा होटल ‘हेयर ट्रीटमेंट’ में लापरवाही करने का भी दोषी है। इससे उनका स्कैल्प जल गया और कर्मचारियों की गलती के कारण अभी भी उसे एलर्जी और खुजली की समस्या हुई। आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता की तरफ से प्रस्तुत व्हाट्सऐप चैट ही ये साबित करने के लिए पर्याप्त है कि होटल ने अपनी गलती मानी है और इसके एवज में फ्री ‘हेयर ट्रीटमेंट’ देने की पेशकश की थी। आयोग ने आदेश दिया कि शिकायत आंशिक रूप से स्वीकार की जाती है और हमें लगता है कि अगर शिकायतकर्ता को 2,00,00,000 (दो करोड़) रुपये का मुआवजा दिया जाए तो ये उनके साथ न्याय होगा। उन्हें 8 सप्ताह (दो महीने) के मुआवजे की राशि दी जानी चाहिए।
शिकायत के मुताबिक अप्रैल 2018 में आशना अपने इंटरव्यू से एक हफ्ते पहले दिल्ली के एक होटल में स्थित हेयर सलून में गई थी, जहां उसने साफ-साफ शब्दों में आगे से लंबे ‘फ्लिक्स’ रखने और पीछे से बालों को चार इंच काटने को कहा था। लेकिन आशना का आरोप है कि हेयर ड्रेसर ने उसकी बात नहीं सुनी और उसने महज चार इंच बाल छोड़कर उसके लंबे बालों को पूरी तरह से काट दिया। इस संबंध में प्रबंधन से शिकायत करने पर उन्होंने नि:शुल्क हेयर ट्रीटमेंट की पेशकश की। आशना का दावा है कि इस दौरान प्रॉडक्ट में अमोनिया की मात्रा ज्यादा होने के कारण उसके बालों को स्थाई नुकसान पहुंचा। आशना ने आयोग से उन्हें 3 करोड़ रुपये का मुआवजा दिलाने का अनुरोध किया था।