गाजियाबाद में एक ही रात में 3 मोबाइल शोरूम से 75 लाख की चोरी


गाजियाबाद ब्यूरो। तमाम कोशिशों के बाद भी गाजियाबाद में क्राइम कम होता नहीं दिख रहा है। शहर को सुरक्षित रखने का दावा तो दूर की बात है, यहां पुलिस चौकी के अगल-बगल की दुकानें ही सुरक्षित नहीं हैं। मंगलवार रात चोरों ने जिले में पुलिस चौकी के पास स्थित मोबाइल की पांच दुकानों को निशाना बनाया। इनमें से तीन दुकानों से चोर करीब 75 लाख रुपये का माल ले गए।
चोरी की वारदात सिहानी गेट पुलिस चौकी व मुरादनगर में रेलवे रोड चौकी के पास हुई हैं। बदमाशों ने पुलिस के एकदम सामने जिस तरह वारदात की हैं, वह पुलिस की मुस्तैदी व पैट्रोलिंग पर कई सवाल खड़े कर रही है। एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की पहचान करने का प्रयास किया गया है। इसके लिए घंटाघर कोतवाली पुलिस के साथ एसओजी को भी लगाया गया है।
चोरी का पहला मामला सिहानी गेट पुलिस चौकी के पास का है। यहां चौकी के सामने (80 मीटर की दूरी) स्थित मोबाइल की दो दुकानों का ताला तोड़कर चोर माल ले गए। पुलिस के अनुसार, राजनगर एक्सटेंशन की गौड़ कास्केट सोसायटी में रहने वाले सुमित त्यागी की नवयुग मार्केट दुर्गा भाभी चौक के पास मोबाइल फोन की 2 दुकानें हैं। दोनों दुकानें आसपास ही हैं। इनमें से एक पर वह खुद बैठते हैं, जबकि दूसरी दुकान का कामकाज उनके बड़े भाई ऋषभ त्यागी देखते हैं। सुमित का कहना है कि सोमवार रात को वह दुकान में ताला लगाकर घर आए थे। मंगलवार को अवकाश था। बुधवार सुबह उनके पास फोन आया कि उनकी दुकान का शटर टूटा हुआ है। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद वह भी दुकान पर पहुंचे। उन्होंने चेक किया तो दोनों दुकानों से करीब 70 लाख रुपये के मोबाइल फोन व अन्य सामान चोर ले गए थे। पुलिस ने बताया कि इनकी दुकान के पास ही एक अन्य शख्स की मोबाइल की दुकान है। चोरों ने उसका ताला भी तोड़ा था, लेकिन उसकी दुकान से कुछ सामान नहीं ले जा पाए। कोतवाली प्रभारी अमित खारी ने बताया कि कारोबारी की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
बता दें कि पुलिस चौकी से कुछ कदम बाद ही पुलिस पिकेट पॉइंट भी है। पुलिस का कहना है कि जिस तरह बदमाशों ने यह वारदात की है, उससे लग रहा है कि उन्होंने काफी रेकी और प्लानिंग की थी। पूरी वारदात चोरों ने पुलिस के पिकेट से हटने के तीन मिनट बाद केवल 14 मिनट में ही अंजाम दिया। इसके लिए इन्होंने वह समय चुना जब रात में गश्त पर तैनात पुलिसकर्मी तड़के ब्रीफिंग के लिए घंटाघर कोतवाली जाते हैं। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में एक गाड़ी और चार बदमाश दिखे हैं। जिस तरह पूरी वारदात की गई है, उससे पुलिस को शक है कि इसमें मेवाती गैंग शामिल हो सकता है।
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, बुधवार तड़के 3:45 बजे दुर्गाभाभी चौक पर तैनात पुलिसकर्मी व्रीफिंग में शामिल होने जाते हैं। इसके 3 मिनट बाद ही 3:48 बजे बदमाश आते हैं और फटाफट दुकान का शटर तोड़कर अंदर घुस जाते हैं। चोर सारा सामान एक साथ उठाकर लाते हैं और बाहर खड़ी गाड़ी में लादने के बाद 4:02 बजे वहां से चले जाते हैं। इसी टाइम पीरियड में वह तीसरी दुकान का ताला भी तोड़ते हैं, लेकिन जल्दबाजी के चक्कर में उसके अंदर से सामान नहीं चुराते हैं। फुटेज में चोरी से कुछ देर पहले पुलिसकर्मी गश्त करते दिखे हैं।
मुरादनगर में चौकी से 50 गज की दूरी पर वारदात
जानकारी के अनुसार, यहां की न्यू डिफेंस कॉलोनी में रहने वाले निखिल गर्ग का रेलवे रोड पर मोबाइल का शोरूम है। इनके शोरूम से महज 50 गज की दूरी पर रेलवे रोड पुलिस चौकी है। मंगलवार रात चोरों ने इनकी दुकान का ताला तोड़कर करीब 4 लाख का सामान चुरा लिया। निखिल ने बताया कि मंगलवार को वह दुकान पर ताला लगाकर गए थे। देर रात बदमाशों ने उनके शोरूम का शटर तोड़कर उसमें से लाखों रुपये के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया। इसके अलावा देधा गांव निवासी सौरभ जैन की भी यहीं एसबीआई के पास मोबाइल की दुकान है। बदमाशों ने इनकी दुकान को भी निशाना बनाया। चोरों ने इनकी दुकान का एक शटर तोड़ दिया और जब वे दूसरे सटर को तोड़ने लगे उसी समय वहां कोई व्यक्ति आ गया। उसे देखकर बदमाश भाग गए। थानाध्यक्ष सतीश कुमार का कहना है कि दोनों पीड़ितों ने शिकायत दी है। चोरी की वारदात सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई है। पुलिस जांच कर रही है।
मेरठ व बागपत में भी इसी तरह की चोरी
जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर रात मेरठ व बागपत में भी मोबाइल की दुकानों में इस तरह की चोरी हुई है। बागपत में खेकड़ा के पाठशाला मार्ग पर स्थित एक मोबाइल शोरूम से चोर करीब 15 लाख रुपये का माल ले गए। वहीं मेरठ में भी मोबाइल की एक दुकान में चोरी की सूचना है। पुलिस इन वारदात के सीसीटीवी फुटेज को भी चेक कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि कहीं इन सभी वारदात में एक ही गिरोह का हाथ तो नहीं है।