महामारी में थे कोरोना वरियर,कॉन्‍ट्रेक्‍ट खत्‍म हुआ तो 360 स्वास्थ्य कर्मचारियों को दिखाया बाहर का रास्‍ता


मेरठ। कोरोना काल मे दिन रात एक कर के जिन स्वास्थ्य कर्मचारियों ने लोगो की सेवा की बुधवार को उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गयी हैं। ये सभी कर्मचारी मेरठ में सीएचसी और पीएचसी में अपनी सेवाएं दे रहे थे। स्वास्थ्य कर्मियों का कॉन्ट्रैक्ट शहरी आजीविका केंद्र यानी सीएलसी द्वारा 30 सितंबर के बाद फिर से रिन्यू होना था लेकिन समय से पहले ही इन कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया गया है। ये सभी कर्मचारी अगस्त 2020 में लगे थे। 360 स्वास्थ्य कर्मचारियों में 28 डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ, लैब टेक्नीशियन, ओ.टी टेक्नीशियन, वॉर्ड बॉय, वॉर्ड आया, स्वीपर आदि शामिल हैं। इन सभी को आउटसोर्सिंग पर रखा गया था। सभी कर्मचारियों ने हफ्ते के सातों दिन अपनी सेवाएं दी हैं।
कोरोना महामारी के बाद अब डेंगू,मलेरिया,टीबी, कोविड की जांच व अन्य बीमारियों से निपटने के लिए इन सभी कर्मचारियों को मत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई थीं। इसके इलावा आम जनता को कोरोना वैक्सीन लगाने का काम भी इन सभी कर्मचारियों के हाथ मे था। साथ ही सरकार की आरोग्य मेला, फैमिली प्लानिंग योजना का जिम्मा भी सभी सीएचसी और पीएचसी के कंधों पर था। बता दें कि मेरठ में 26 पीएचसी और 12 सीएचसी हैं। अब ऐसे में सवाल ये ही उठता है कैसे आम जनता को स्वास्थ्य सुविधाएं मिल पाएंगी।
बुधवार को आक्रोशित कर्मचारियों ने जिलाधिकारी के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया और अपनी आवाज बुलंद की। डॉ वर्षा गजरोतिया ने बताया कि हमने कोरोना काल मे दिन रात काम किया है और अपनी सेवाएं दी हैं ऐसे में हमारे साथ नाइंसाफी हुई है, हमारी मांग है कि हमारा कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू किया जाए।