बंद हो रहे दूरदर्शन के 412 रिले सेंटर? बिहार के 15 केंद्र भी शामिल


पटना। 31 अक्टूबर को देश के विभिन्न राज्यों के अलग-अलग शहरों के 152 दूरदर्शन केंद्रों को बंद कर दिया जाएगा। जबकि साल के आखिरी दिन 31 दिसंबर को बिहार के 15 जिलों में स्थित दूरदर्शन रिले केंद्रों को बंद कर दिया जाएगा। देशभर में तीन चरण में 412 रिले केंद्र बंद किए जाएंगे। दूरदर्शन केंद्रों को बंद करने का फैसला प्रसार भारती लोक सेवा प्रसारक दूरदर्शन निदेशालय नई दिल्ली से लिया गया है। केंद्र सरकार ने दूरदर्शन केंद्र बंद की अलग-अलग तारीख भी जारी कर दी है। पूरे देश में 466 दूरदर्शन केंद्र चल रहे हैं। बिहार के बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, सिकंदरा और बांका जिले के दूरदर्शन केंद्र का मेंटेनेंस केंद्र (डीएमसी) भागलपुर है। भागलपुर में 500 वाट का दूरदर्शन केंद्र 31 अक्टूबर से बंद हो जाएगा। हालांकि डीएमसी साल के आखिर तक काम करेगा।
बिहार के सहरसा सहित मुजफ्फरपुर और कटिहार में हाई पावर ट्रांसमीटर दूरदर्शन केंद्र चल रहे हैं। जबकि बांका, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, सिकंदरा, औरंगाबाद, गया, जमुई, नवादा, शेखपुरा, बेतिया, मोतिहारी और रामनगर में लो पावर ( एलपीटी) दूरदर्शन केंद्र है। ये सभी सेंटर इस साल 31 दिसंबर को बंद हो जाएंगे। सहरसा सहित भागलपुर और कटिहार दूरदर्शन केंद्र के प्रभारी सीनियर असिस्टेंट इंजीनियर डीएस प्रसाद ने मीडिया को बताया कि दूरदर्शन केंद्र को बंद करने का फैसला लिया गया है। इसमें तीन जिले में संचालित केंद्र 31 अक्टूबर को और बाकी दूसरे केंद्रों को 31 दिसंबर तक बंद कर दिया जाएगा।
अलग-अलग राज्यों के शहरों में चल रहे प्रसार भारती दूरदर्शन केंद्र को तीन फेज में बंद करने का फैसला लिया गया है। इसमें एनेक्सर-बी के तहत देश के 151 जिसमें 108 डिजिटल ट्रांसमीटर रिले केंद्र शामिल हैं, उनको 31 मार्च 2022 को बंद किया जाएगा। एनेक्सर-सी के तहत देश के 109 केंद्रों को 31 दिसंबर 2021 को और एनेक्सर-डी के तहत 152 दूरदर्शन केंद्रों को 31 अक्टूबर को बंद करने का फैसला लिया गया है। जबकि एनेक्सर-ए के तहत आने वाले 54 केंद्र जो जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, सिक्किम, अंडमान निकोबार और लक्षद्वीप में स्थित हैं, वहां के लिए अबतक कोई फैसला नहीं लिया गया है।
1959 में दूरदर्शन की शुरुआत की गई थी। हर शहर में दूरदर्शन के प्रसारण के लिए रिले सेंटर बनाए गए। एंटीना के जरिए टेलीविजन पर दूरदर्शन चैनल का प्रसारण होता था। मौजूदा दौर में अब डीटीएच प्लेटफॉर्म से दूरदर्शन सहित दूसरे चैनलों का प्रसारण हो रहा है। इस कारण इन केंद्रों की जरूरत खत्म हो गई है। इसी के चलते रिले केंद्र को बंद करने का फैसला लिया गया है।