दिल्ली-एनसीआर में सोशल मीडिया पर लगी है अवैध हथियारों की सेल, देसी कट्टे से लेकर एके-47 तक की ऑन डिमांड सप्लाई!


दिल्ली ब्यूरो। सोशल मीडिया को अवैध हथियारों के तस्करों ने अपना नया अड्डा बना लिया है। खुलेआम हथियारों की बंपर सेल कर रहे हैं। देसी कट्टा, तमंचा, रिवॉल्वर, ऑटोमेटिक पिस्टल, यहां तक कि एके-47 भी देने का दावा ऐसे अकाउंट्स से किया जा रहा है। ऑन डिमांड सप्लाई की व्यवस्था का भी दावा है। कुछ तथाकथित सप्लायरों ने होम डिलीवरी के लिए अलग-अलग राज्यों के हिसाब से चार्ज भी फिक्स किए हुए हैं। ये तथाकथित सप्लायर कोरोना काल से दिल्ली पुलिस और राज्यों की पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं।
वैसे तो अवैध हथियारों के मैन्यूफैक्चरर और सप्लायरों के टारगेट पर हमेशा से दिल्ली-एनसीआर रहा है। समय-समय पर स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच और लोकल पुलिस हथियारों के सिंडीकेट को क्रैक करती रही है। मगर सेल सूत्रों का कहना है कि अब सोशल मीडिया पर तस्करों ने अपनी जगह बनानी शुरू कर दी है। खासकर फेसबुक पर इनके अकाउंट एक्टिव हैं। बहुतों के अकाउंट यूपी, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा के हैं। जिनकी पिछले दिनों धरपकड़ हुई। गिरफ्तारी की। इनमें कुछ अकाउंट फेक भी हैं, जो साइबर अपराधियों के हैं।
सूत्रों के अनुसार कुछ ऐसे ही अवैध हथियारों के अड्डों का पता चला। जिसमें खुल्लम खुल्ला फेसबुक के जरिए देसी कट्टा, रिवॉल्वर और ऑटोमेटिक हथियारों की सेल की जा रही है। ढेरों ऐसे अकाउंट हैं जहां चमचमाते हथियारों की तस्वीरें अपलोड हैं, बल्कि कईयों ने रेट लिस्ट भी जारी की हुई है। जिस किसी को हथियार चाहिए उन्हें संपर्क करने के लिए वॉट्सऐप और मोबाइल नंबर दिए हुए हैं। 2000 रुपये में तमंचा और 25000 रुपये में पिस्टल बेची जा रही है। पता चला है कि हथियार बनाने वालों के कनेक्शन यूपी, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के बदमाशों से भी जुड़े हैं।
फेसबुक अकाउंट पर हथियारों की पोस्ट के अलावा व्हाट्सएप से भी चल रहा है। इसी तरह एक पोस्ट में लिखा है, किसी भाई को सामान चाहिए तो मेरे नंबर पर मेसेज करे। टाइमपास करने वाले कृपया करके मेसेज मत करना। पूरी ईमानदारी से काम होगा। फ्रॉड से सावधान रहें। अगर कोई भाई आकर लेना चाहता है तो हैंड टू हैंड हो जाएगा। अगर कोई भाई डिलीवरी चाहता है तो डिलीवरी चार्ज पहले करना होगा। इसके चार्ज कुछ इस तरह लिखे गए हैं, राजस्थान के 200 रुपये, गुजरात के 2800 रुपये, पंजाब के 1800 रुपये, हरियाणा के 1500 रुपये, मध्य प्रदेश के 1500 रुपये, यूपी के 1000 रुपये हैं।
दिल्ली में आए दिन हत्याएं, लूट व गैंगवार की घटनाएं। अवैध हथियारों पसंदीदा ट्रांजिट रूट बन चुकी है दिल्ली। यूपी और हरियाणा के अनेकों रूट हैं। घनी आबादी और कई तरह के ट्रांसपोर्ट होने की वजह से तस्कर आसानी से यहां अपना माल खपाने की फिराक में रहते हैं। दरअसल, शानदार क्वॉलिटी की वजह से कभी कभी मुंह मांगी कीमत वसूली जाती है। दिल्ली एनसीआर के गैंगस्टरों में ऐसे सॉफिस्टिकेटेड किस्म के हथियारों की दीवानगी काफी तेजी से बढ़ रही है। बिचौलियों ने बाकायदा हथियार बनाने वालों को वर्क ऑर्डर तक देना शुरू कर दिया है।