गाजियाबाद में गलती से पोर्टल पर 5 लोगों को बताया कोरोना पॉजिटिव, मच गया हड़कंप


गाजियाबाद ब्यूरो। कोरोना की तीसरी लहर को लेकर बढ़ती आशंकाओं के बीच रविवार को शहर में रहने वाले एक ही परिवार के पांच लोगों के संक्रमित होने की सूचना से हड़कंप मच गया। निजी लैब की ओर से पोर्टल पर पांच पॉजिटिव रिपोर्ट अपलोड किए जाने के बाद शासन स्तर से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के पास फोन आने लगे। हलकान स्वास्थ्य अधिकारियों ने लैब से संपर्क किया तो पता चला कि सभी की रिपोर्ट निगेटिव है, लेकिन गलती से रिपोर्ट पॉजिटिव अपलोड हो गई है। जिसके बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली। अब स्वास्थ्य विभाग ने इस लापरवाही पर लैब से स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं, जिस परिवार के सदस्यों को पॉजिटिव बताया गया था, वह भी अब राहत महसूस कर रहा है।
जिले में सितंबर माह में अब तक कोरोना संक्रमण का केवल एक ही पॉजिटिव मामला सामने आया है। हालांकि दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में कोरोना के बढ़ते मरीज और यूपी के पूर्वी जिलों में डेंगू, मलेरिया और स्क्रब टाइफस के बढ़ते मरीजों ने जिले में रहने वाले लोगों में दहशत है। लोग संक्रमण की तीसरी लहर को लेकर भी डरे हुए हैं।
इन सबके बीच रविवार सुबह कविनगर में रहने वाले एक परिवार के पांच सदस्यों के संक्रमित होने की सूचना ने हड़ंकप मचा दिया। शासन के कोरोना अपडेट पोर्टल पर पांच लोगों को संक्रमित बताया गया था। हालांकि उनके साथ पता और मोबाइल नंबर दर्ज नहीं था। मामले की जानकारी होने पर शासन स्तर से जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों से इस बारे में पूछताछ की गई और जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
डीएमओ डॉ. आर.के. गुप्ता ने बताया कि जांच करने वाली वृंदा लैब से जब जानकारी की गई तो पता चला कि सभी की रिपोर्ट निगेटिव है, लेकिन भूलवश वह पोर्टल पर पॉजिटिव अपलोड कर दी गई है। बाद में लैब की ओर से पोर्टल पर रिपोर्ट को निगेटिव कर दिया गया। डॉ. गुप्ता ने बताया कि इस मामले में लैब से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जिस परिवार की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव बताई गई वह शहर के नामी डॉक्टर का परिवार है। उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव होने की सूचना भी तेजी से फैल गई। जिसके बाद उनके पास बहुत से लोगों के फोन भी आने लगे। उन्हें खुद के निगेटिव होने की जानकारी थी, जिसके चलते वे फोन करने वालों को जवाब देते-देते परेशान हो गए।
परिवार का एंटीजन टेस्ट किया गया था, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव थी। पोर्टल पर अपलोड करने वाले स्टाफ ने गलती से रिपोर्ट को पॉजिटिव अपडेट कर दिया। गलती का पता चलने पर रिपोर्ट को निगेटिव अपडेट कर दिया गया है। साथ ही स्टाफ को दोबारा ऐसी गलती न दोहराने की चेतावनी दी गई है।