तिहाड़ और मंडोली जेल से भाग सकते हैं 5 खतरनाक कैदी, खुफिया इनपुट के बाद गैंगस्टर्स की निगरानी हुई और सख्त


नई दिल्ली डेस्क। तिहाड़ जेल प्रशासन को एक खुफिया इनपुट ने सकते में ला दिया है। इनपुट में तिहाड़ और मंडोली जेल में बंद पांच खतरनाक कैदियों के फरार होने की आशंका जाहिर की गई है। वे साथियों की मदद से भाग सकते हैं। कैदियों के नाम और जेल नंबर भी बताया गया है। जेल प्रशासन को मिले इस इनपुट के बाद पांचों गैंगस्टर कैदियों पर 24 घंटे और सातों दिन सर्विलांस लगा दी गई है।
इस तरह से पांच कैदियों के ज्यूडिशियल कस्टडी से भागने का इनपुट जेल प्रशासन को पहली बार मिला है। सूत्रों ने बताया कि मिले सीक्रेट इनपुट के बाद तिहाड़ जेल के अडिशनल आईजी मुकेश प्रसाद द्वारा एक आदेश जारी किया गया है। इसमें तिहाड़ और मंडोली जेल समेत अन्य तमाम संबंधित एजेंसियों को भी इस बारे में समय रहते आगाह किया गया है। इस बारे में मिली तमाम जानकारी को डीएपी की थर्ड बटैलियन के डीसीपी, टीएसपी और सीआरपीएफ के कमांडेंट समेत दूसरे तमाम संबंधित जेल अधिकारियों को भी भेज दी गई है।
सूत्रों ने बताया कि पांचों कैदी तिहाड़ की जेल नंबर-1,3,8 और मंडोली की जेल नंबर-15 में बंद हैं। उनके बारे में बताया गया है कि गैंगस्टर अपने साथियों की मदद से जेल के अंदर या जेल से बाहर कोर्ट में पेशी या हॉस्पिटल या फिर जेल से बाहर अन्य किसी गतिविधि के लिए ले जाते या जेल में लाते वक्त भाग सकते हैं। मुमकिन है कि इस मामले में कोई साजिश भी रची जा रही हो।
कैदियों के भागने की आशंका को देखते उनके सेल और बैरक के आसपास इस तरह के किसी कैदी या स्टाफ के आने-जाने पर रोक लगा दी गई है, जिसका उनके सेल और बैरकों के आसपास कोई काम न हो। सीसीटीवी कैमरों से उन पर 24 घंटे सातों दिन निगरानी की जा रही है। उनकी बैरक और सेल की लगातार तलाशी और जांच करने के भी आदेश दिए गए हैं।
आदेशों में यह भी कहा गया है कि जितना भी संभव हो उन्हें जेल से बाहर कम से कम ले जाया जाए। अगर कोर्ट में पेशी या फिर इमरजेंसी में हॉस्पिटल में या अन्य किसी काम से ले जाने की जरूरत पड़ती भी है तो इसकी जानकारी पहले से ही डीएपी को देनी होगी। इसके अलावा, उन पर निगरानी रखने के लिए और कई तरह के काम किए जा रहे हैं।