बाघम्‍बरी गद्दी के उत्तराधिकारी चुने गए बलबीर‍ गिरि, 5 अक्टूबर को होगा पट्टा अभिषेक


प्रयागराज। प्रयागराज बाघम्‍बरी मठ के उत्तराधिकारी को लेकर कयासों का बाजार बुधवार को खत्म हो गया। महंत नरेंद्र गिरी के निधन के बाद बलबीर गिरी दूसरे उत्तराधिकारी होंगे। इस बात की पुष्टि श्री पंचायती निरंजनी अखाड़े के सचिव रवींद्र पुरी ने की है। रविद्र पुरी ने बताया कि 5 अक्टूबर को रीति-रिवाज के साथ पट्टा अभिषेक का कार्यक्रम होगा। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की गुत्थी सुलझाने में जुटी सीबीआई की टीम तीनों आरोपियों से पिछले 2 दिनों से पूछताछ कर रही है। एक ओर सीबीआई और एसआईटी नरेंद्र गिरी की आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी है तो दूसरी ओर बुधवार को बाघम्‍बरी मठ के उत्तराधिकारी की घोषणा कर दी गई है।
निरंजनी अखाड़े के सचिव रवींद्र पुरी ने प्रयागराज की अल्लापुर बाघम्‍बरी मठ में मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि बाघंबरी मठ के उराधिकारी बलवीर गिरी ही होंगे। 5 अक्टूबर को मठ में बलबीर गिरी के उत्तराधिकारी बनाए जाने को लेकर पट्ठाभिषेक कार्यक्रम सुबह 11:00 से 1:00 के बीच रखा जाएगा। इस दौरान फूल मालाओं के के साथ महंतई चादर की रस्म अदा की जाएगी। जिसके बाद भंडारा कार्यक्रम होगा।
इस दौरान रवींद्र पुरी ने बताया कि मंगलवार को हुई बैठक में पहले यह तय हो गया था कि बलवीर गिरी ही दूसरे उत्तराधिकारी होंगे। अब इस कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा तैयार करने के लिए हरिद्वार में बैठक है। जिसमें किस तरह कार्यक्रम आयोजित होगा इस पर अंतिम मुहर लगेगी। हरिद्वार में निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महराज के साथ बैठक में कई साधु-संत शामिल होंगे।
उत्तराधिकारी की घोषणा के बाद के सचिव रविंद्र पुरी ने ये भी बताया की एक बोर्ड का गठन किया जाएगा। यह बोर्ड होने वाले कामकाज पर अपनी निगाह रखेगा। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया किस-किस संपत्ति के रूप में प्रयागराज में तीन चीजें हैं, जिसमें अल्लापुर मठ, 30 बीघा जमीन और लेटे हुए हनुमान जी के अलावा हरिद्वार में खेती-बाड़ी की जमीन शामिल है। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कोई भी उत्तराधिकारी किसी जमीन को बेच नहीं सकता है।