नोएडा के लोटस बुलेवर्ड की सोसायटी में पिता-पुत्र की डंडों से पिटाई करने वाले 8 सिक्योरिटी गार्ड गिरफ्तार, भेजे गए जेल


नोएडा। सेक्टर-100 स्थित लोटस बुलेवर्ड सोसाइटी निवासी पिता-पुत्र को बेरहमी से पीटने व जानलेवा हमला करने के आरोप में सुपरवाइजर सहित आठ सुरक्षाकर्मियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बीस से अधिक सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली है। कोतवाली सेक्टर-39 पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के कारोबारी सुरेश कुमार सोसाइटी में 17वीं मंजिल पर रहते हैं। बुधवार को फ्लैट में इंटरनेट लगवाने के लिए चाबी मांगने को लेकर सुरक्षाकर्मी से उनकी कहासुनी हो गई थी। इसके बाद सुरेश चाबी लेकर चले गए थे। जब कुछ देर के बाद सोसाइटी के नीचे आए तो 15 से 20 सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें घेर लिया और लाठी-डंडों से पीट गया। बीचबचाव करने आए सुरेश के बेटे को भी जमकर पीटा गया। करीब चार मिनट में आरोपियों ने सुरेश को इतनी बुरी तरह पीटा की वे बेहोश गए। जब घटना का वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस अलर्ट हुई। मामले में सोसाइटी के अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (एओए) अध्यक्ष तेज प्रकाश सचिव संजय सिंह, सिक्योरिटी सुपरवाइजर अमलेश राय समेत 15-20 सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि अमलेश राय, सुरक्षाकर्मी कृष्णकांत शुक्ला, जावेद, विक्रांत तोमर, पवन कुमार, दिनेश कुमार, पंकज तिवारी और कुशल पालीवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि सोसाइटी के अध्यक्ष तेज प्रकाश और सचिव संजय सिंह की भूमिका की जांच कराई जा रही है। अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि सोसाइटी की सुरक्षा सीआईएसएस ब्यूरो प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी की पास है। सभी आरोपी सुरक्षाकर्मी व सुपरवाइजर इसी एजेंसी के हैं। एजेंसी के संचालक व अन्य अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है। जांच में अगर यह बात सामने आई कि संचालक ने सुरक्षा मानकों व सरकारी मानकों का उल्लंघन किया है तो केस दर्ज कर एजेंसी का पंजीकरण रद्द किया जाएगा।
जिले में 250 से अधिक सिक्योरिटी एजेंसी
पुलिस के मुताबिक, जिले में 250 से अधिक सिक्योरिटी एजेंसी हैं। घटना के बाद पुलिस पसारा एक्ट के तहत इन एजेंसी के मानकों की जांच करेगी। इसके लिए सभी एजेंसी संचालकों की बैठक बुलाई जाएगी और उनके कागजात की जांच से लेकर मानकों को देखा जाएगा। अगर कोई भी एजेंसी शासन के मानकों में फिट नहीं बैठेगी और किसी तरह की लापरवाही मिलेगी तो कार्रवाई होगी।
पसारा एक्ट
निजी सुरक्षा एजेंसियां प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसीज रेगुलेशन एक्ट (पसारा) 2005 के तहत संचालित होती हैं। एजेंसियां सुरक्षाकर्मियों की सेवा विभिन्न संस्थानों में प्रदान करती हैं। आपराधिक घटनाओं के बढ़ने के बाद निजी सुरक्षा एजेंसियों की संख्या भी बढ़ रही है। इसके एक्ट के तहत ही सिक्योरिटी एजेंसियों के नाम, ट्रेडमार्क का पंजीकरण होता है और मानकों का उल्लंघन करने पर एजेंसी का पंजीकरण रद्द भी हो सकता है।
लोटस बुलेवर्ड सोसाइटी के आठ सुरक्षाकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में एओए अध्यक्ष व सचिव की भूमिका की भी जांच की जा रही है।- रणविजय सिंह, एडीसीपी नोएडा