अंसल बिल्डर्स ने अपनी बताकर बेच दी सरकारी जमीन, केस दर्ज


गाजियाबाद डेस्क। गाजियाबाद के विजयनगर पुलिस ने अंसल बिल्डर्स के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। डूंडाहेड़ा निवासी महिला ने मैसर्स अंसल लैंडमार्क टाउनशिप कंपनी, उसके निदेशकों व प्रोजेक्ट हेड पर आरोप लगाया है कि इन्होंने सरकारी जमीन को अपना बताकर प्लॉट देने के नाम पर 14.73 लाख रुपये हड़प लिए। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद उनकी रकम भी नहीं लौटाई। पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने पर उन्हें कोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
डूंडाहेड़ा निवासी सत्यवती देवी ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि उन्होंने व कॉलोनी की निर्मला देवी ने मैसर्स अंसल लैंडमार्क टाउनशिप कंपनी के डूंडागेड़ा प्रोजेक्ट में सी-पॉकेट का एक प्लॉट खरीदा था। कंपनी ने उन दोनों के पक्ष में आवंटन-पत्र जारी किया था। प्लॉट की बेसिक कीमत 36 लाख 81 हजार रुपये थी। उन्होंने मार्च 2007 से अगस्त 2007 तक कंपनी को 14 लाख 73 हजार रुपये का भुगतान कर दिया।
आरोप है कि रकम देने के बाद भी कंपनी ने उन्हें प्लॉट पर कब्जा नहीं दिया। जबकि कंपनी ने आवंटन-पत्र में एक समयावधि निर्धारित की थी। सत्यवती देवी का कहना है कि कंपनी ने उन्हें जहां प्लॉट दिखाया था, नगर निगम ने उस जगह को अपना बताकर चारदीवारी कर दी है। इसके अलावा कंपनी ने जीडीए से जो संशोधित डीपीआर व साइट प्लान पास कराया, उसमें सी-पॉकेट के भूखंड ही नहीं हैं।
पत्राचार करने पर कोई जवाब भी नहीं दिया
इसके बाद उन्होंने 2019 में प्लॉट पर कब्जा दिलाने तथा मार्च 2020 में अन्य पॉकेट में प्लॉट आवंटित करने का प्रार्थना-पत्र दिया, लेकिन अंसल बिल्डर्स ने कोई जवाब नहीं दिया। सत्यवती देवी का आरोप है कि अंसल बिल्डर्स ने नगर निगम की सरकारी जमीन को अपना बताकर उनसे 14 लाख 73 हजार रुपये हड़प लिए। आरोप है कि पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न करने पर उन्हें कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। विजयनगर एसएचओ महावीर सिंह चौहान का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर डूंडाहेड़ा स्थित मैसर्स अंसल लैंडमार्क टाउनशिप कंपनी, कंपनी के निदेशक सुशील अंसल व प्रणव अंसल तथा प्रोजेक्ट हेड योगेश गाबा के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। विवेचना में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।