गर्दन पर चारों तरफ पड़े काले निशान से और भी गहराया महंत नरेंद्र गिरी की मौत का केस


प्रयागराज। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और श्री मठ बाघंबरी गद्दी के महंत नरेंद्र गिरी की मौत मामले में प्रदेश सरकार की तरफ से सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद 5 सदस्यीय टीम प्रयागराज भी पहुंची गई है। वहीं दूसरी ओर इस मामले की गुत्थी और उलझती जा रही है। मौत के बाद के वीडियो में फंदा बनी नायलॉन की रस्सी के तीन टुकड़े और पंखे के चलते रहने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं गर्दन पर चारों तरफ पड़े काले निशान भी राज को गहरा रहे हैं।
महंत नरेंद्र गिरि के गले पर चारों तरफ काले निशान होने की बात कही जा रही है। अखाड़ा परिषद के सचिव महंत हरी गिरि और निरंजनी अखाड़े के सचिव नरेंद्र पुरी महाराज ने यह दावा किया है कि नरेंद्र की गर्दन पर चारों तरफ काले निशान पड़े हुए थे। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फांसी के अधिकतर केसों में वी मार्क बनता है। चारों ओर निशान किसी रस्सीनुमा चीज से गला घोटे जाने पर ही पड़ते हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने आनंद गिरि के लैपटॉप से वह विडियो बरामद कर लिया है, जिसका जिक्र महंत नरेंद्र गिरि के तथाकथित सुइसाइट नोट में था। इसी विडियो के आधार पर ब्लैकमेल की बात कही गई थी। एसआईटी ने महंत नरेंद्र गिरि के दोनों मोबाइल फोन की कॉल डिटेल के आधार पर लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। दूसरी ओर, निरंजनी अखाड़े के पंच परमेश्वर की गुरुवार को बैठक हुई। हालांकि इसमें उत्तराधिकारी को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया।
नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में आरोपित बनाए गए संदीप तिवारी को गुरुवार को सीजेएम कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में नैनी जेल भेज दिया। पुलिस अब संदीप की कस्टडी रिमांड के लिए आवेदन करेगी। इस बीच, बुधवार को जेल भेजे गए आनंद गिरि और आद्या तिवारी ने सीजेएम कोर्ट में अपनी सुरक्षा के लिए आवेदन किया है। दोनों ने जान का खतरा बताते हुए नैनी जेल में और पेशी के दौरान सुरक्षा की मांग की है। बुधवार को पेशी के दौरान दोनों के साथ धक्का-मुक्की की गई थी।
वहीं गुरुवार को आत्महत्या का एक वीडियो वायरल हो गया। सूत्रों के मुताबिक, यह विडियो किसी पुलिसकर्मी ने बनाया है। विडियो उस समय का है, जब आईजी के.पी. सिंह मौके पर पहुंच चुके हैं। विडियो में महंत नरेंद्र गिरी का पार्थिव शरीर फर्श पर पड़ा दिखाई दे रहा है। जिस पंखे से महंत लटके थे, वह चलता हुआ दिखाई दे रहा है। कमरे में पुलिस और आश्रम के कुछ लोग भी हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर महंत ने पंखे से लटक कर जान दी तो पंखे में कुछ खराबी क्यों नहीं आई? आमतौर पर ऐसे केसों में पंखे के पर टेढ़े हो जाते हैं या उसमें कोई और खराबी आ जाती है।