कानपुर में साइबर ठगों ने संविदा कर्मियों के भविष्य निधि पर डाका


कानपुर ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के कानपुर में ठगी का एक अनोखा मामला प्रकाश में आया है। केस्को और अन्य विभागों में काम करने वाले संविदा कर्मचारी की खून-पसीने की कमाई पर साइबर ठग डाका डाल रहे हैं। साइबर ठगों ने 236 संविदा कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते से करोड़ों रुपए निकाले हैं। कानपुर क्राइम ब्रांच ने एक ठग को अरेस्ट किया है। पुलिस आरोपियों के मोबाइल और लैपटॉप को खंगाल रही है। दावा है कि पीएफ के एक बड़े घोटाले का खुलासा हो सकता है।
कानपुर क्राइम ब्रांच ने फर्जी बैंक खाता लिंककर संविदा कर्मचारियों की भविष्यनिधी पार करने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है। इसमें आउटसोर्सिंग में कर्मचारी मुहैया कराने वाली कंपनियों के कुछ कर्मचारी द्वारा बैंको की मिलीभगत से भविष्यनिधि निकालने की बात सामने आई है। क्राइम ब्रांच ने मुकुल दुबे उर्फ रियांस चौबे को अरेस्ट किया है। रियांस चौबे पीरोड सीसामऊ का रहने वाला है।
डीसीपी क्राइम सलमानताज पाटिल के मुताबिक कानपुर कमिश्नरेट क्राइम ब्रांच को एक सूचना मिली थी कि केस्को संविदा कर्मचारियों के पीएफ का पैसा कई अन्य अकाउंटों में ट्रांसफर किया गया है। इसकी जानकारी संविदा कर्मचारियों को नहीं थी। जानकारी में पता चला कि रियांस चौबे नाम का व्यक्ति ईएफओ में संविदा पर काम करता था। उसने ये कहा था कि इनको जो जरूरत पड़ने पर 40 फीसदी धनराशि मिलती है। उसे दिलाने के बहाने, उसने आधार कार्ड समेत अन्य डिटेल ले लिए थे। रियांस समय-समय पर इनके ओटीपी भी ले लेता था।
उन्होने बताया कि अभी तक की पूछताछ में पता चला है कि रियांस ने इन सभी के मल्टिपल अकांउट्स बनाए थे। उन सभी अकाउंट्स में इसने पैसे ट्रांसफर किए हैं। हम लोग इस संबंध में 21 लोगों से बातचीत कर चुके हैं। जिनके अकांउट्स में लगभग एक लाख से 50 हजार की कमी पाई गई है। सभी संविदा कर्मचारी बहुत ही कम वेतन में काम करते हैं, इनका वेतन मात्र 10 से 15 हजार रुपए होता है। पीड़ितों के लिए बहुत बड़ा नुकसान है।
इस बात की जानकारी मिली है इस तरह से सैकड़ो लोगों के साथ ठगी हुई है। इसकी जांच की जाएगी, एफआईआर दर्ज करके रियांस चौबे को अरेस्ट किया गया है। इस तरह की घटना जितने लोगों के साथ हुई है, उनसे भी संपर्क किया जाएगा। रियांस के तार कहां और किस कंपनी से जुड़े हैं। इसका पता लगाया जाएगा। आउट सोर्सिंग कंपनियों का रोल है, इसकी भी जांच की जाएगी।