ड्रैगन का खूंखार प्लान! ताइवान, अरुणाचल और दक्षिणी चीन सागर पर कब्जे का देख रहा सपना

 

बीजिंग। पूर्वी लद्दाख को हथियाने की फिराक में बैठा चीन दक्षिण चीन सागर पर कब्जा करने के लिए एक रणनीति बनाई है। दरअसल, चीन दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है। हालांकि चीन के अलावा तालिवान, फिलीपींस, ब्रुनेई, मलेशिया और वियतनाम भी दक्षिण चीन सागर के कुछ हिस्सों पर दावा करते हैं। माना जा रहा है कि इन हिस्सों में प्राकृतिक तेल और गैस के असीमित भंडार हो सकते हैं।  ऐसे में चीन लगातार दक्षिण चीन सागर पर अपनी उपस्थिति को मजबूत करने की फिराक में जुटा रहता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने जो योजना तैयार की है उसके मुताबिक वो 2030 तक दक्षिण चीन सागर पर पूरी तरह से कब्जा कर लेगा।
ताइवान पर भी होगा कब्जा
अपने वर्चस्व को बढ़ाने की लगातार कोशिशें करना वाला चीन साल 2025 तक ताइवान पर कब्जा कर सकता है। चीन विस्तारवादी योजना के तहत अपने आस-पास के तमाम मुल्कों पर अपनी पैठ बनाना चाहता है। ताइवान लगातार चीन का विरोध करता रहा है इसके बावजूद चीन अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। ऐसे में साल 2025 तक चीन ताइवान पर पूरी तरह से कब्जा कर सकता है।
अरुणाचल पर भी निगाहें
चीन अपना दावा अक्साई चीन, लद्दाख के भाग, उत्तराखंड के कुछ भाग और पूरे अरूणाचल प्रदेश पर करता है। ताइवान के बाद चीन की नजर अरुणाचल प्रदेश पर होगी। साल 2025 में चीन पर कब्जा करने के बाद 2040 में अरुणाचल प्रदेश को अपने कब्जे पर ले लेगा। दरअसल, दुनियाभर में चीनी वेबसाइट सोहू द्वारा साल 2013 में छापी गई एक रिपोर्ट फिर से वायरल हो रही है। जिसमें यह तमाम दावे किए गए थे। 
दक्षिण चीन सागर पर होगा कब्जा
चीन ताइवान पर कब्जा करने के बाद भी नहीं रुकने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक ताइवान के बाद चीन वियतनाम और फिलीपिंस को हराकर साल 2030 तक दक्षिण चीन सागर पर पूरी तरह से कब्जा कर लेगा और फिर साल 2035 से 2040 के बीच में भारत को पाकिस्तान के साथ युद्ध में उलझाकर अरुणाचल में कब्जा करेगा। फिर 2045 तक जापान के सेनकाकू द्वीप समूह, 2050 तक मंगोलिया, 2060 तक दक्षिणी रूस के कई इलाकों में कब्जा कर लेगा।