दिल्ली में अब बगैर कूड़ा उठाए घर के सामने से नहीं गुजर पाएगा वाहन, लुटियन जोन में पहल


दिल्ली ब्यूरो। नई दिल्ली जिले में अब घरों से कूड़ा रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन डिवाइस (आरएफआईडी) के माध्यम से उठाया जाएगा। कूड़ा ले जाने वाले सभी वाहनों पर स्कैनर लगाए जा रहे हैं। घरों की नंबर प्लेट स्कैन करने के बाद ही कचरे के वाहन आगे बढ़ सकेंगे। अगर इसमें कोताही हुई तो तत्काल सूचना कंट्रोल रूम में पहुंच जाएगी। अगले 15 दिन में क्षेत्र के सभी घरों से कचरे की सफाई के लिए पहल की जा रही है। स्वच्छता अभियान के तहत लुटियन जोन में यह पहल की जा रही है। इस सुविधा से लोगों को घरों से कूड़ा उठने की चिंता नहीं सताएगी।
कूड़ा उठाने के लिए लुटियन की दिल्ली के 52 हजार मकानों पर आरएफआईडी टैग लगाए गए हैं। मकानों के बाहर लगी नंबर प्लेट के जरिए सभी ब्यौरा भी एक क्लिक में उपलब्ध होगा। इसके लिए एनडीएमसी ने सबसे पहले सभी भवनों का सर्वे किया, ताकि स्मार्ट सिटी में रहने वालों को स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाने में सहूलियतें मिल सके।
सभी मकानों की मैपिंग की गई, जिससे कचरा उठाने समेत पानी, बिजली बिल आदि किसी भी भवन का ब्यौरा आसानी से उपलब्ध हो सके। खास बात यह है कि अगर किसी व्यक्ति को किसी घर तक पहुंचना है तो नंबर से ही लोकेशन भी मिल जाएगी। इस पहल से नई दिल्ली क्षेत्र में रहने वाले मंत्री, अधिकारियों समेत गणमान्य लोगों के लिए सहूलियतें बढ़ जाएंगी। 
कचरा उठाने वाला वाहन जब मकानों पर लगे आरएफआईडी टैग के सामने से गुजरेगा तो यूनीक नंबर और क्यूआर कोड स्कैन करना होगा। अगर जल्दबाजी में किसी घर से कूड़ा नहीं उठाया गया तो तत्काल कंट्रोल रूम से वाहन चालक को इसकी सूचना भेजी जाएगी। इस सेवा की शुरुआत से नई दिल्ली क्षेत्र में रहने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी।
एक अधिकारी के मुताबिक, कई बार होता है कि कचरा उठाए बिना ही वाहन निकल जाता है, जिससे लोगों को शिकायत करनी पड़ती है। अब जब भी वाहन मकान के सामने से गुजरेगा तो आरएफआइडी टैग स्कैन हो जाएगा, जिससे यह पता चल जाएगा कि वाहन ने कचरा उठाया है। यदि चालक स्कैन नहीं करता है तो उसकी सूचना तत्काल कंट्रोल रूम को जाएगी। इसलिए कचरा वाहन को हर हाल में प्रत्येक मकान पर लगे टैग को स्कैन करना होगा। इससे आसानी से लोग रोजाना कचरा उसमें डाल सकेंगे।
सभी घरों से रोजाना कचरे को इकट्ठा किया जाएगा। इसके लिए सभी वाहनों पर स्कैनर लगाए जा रहे हैं। अगले 15 दिन में क्षेत्रवासियों को इस सुविधा का लाभ मिलने लगेगा। अब उन्हें घरों से कचरे की सफाई की चिंता नहीं सताएगी। - डॉ. डीपी सिंह, निदेशक, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट (एनडीएमसी)