दिल्ली पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर से गाड़ी चोरी करने वाले दो गैंग का किया भंडाफोड़


राजीव गौड़,(दिल्ली ब्यूरो)। शाहदरा जिला पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर से गाड़ी चोरी करने वाले दो गैंग का भंडाफोड़ किया है। दो हफ्ते के भीतर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनकी पहचान दयालपुर निवासी फैसल (30), मेरठ के अजरुद्दीन (25), अलीपुर के कुलदीप सिंह उर्फ लक्की (39), बरेली के परवेज (32) और रिसीवर राजस्थान के जोधपुर जिले के मनीष कुमार पंवार के तौर पर हुई है। पुलिस ने इनसे 12 लग्जरी गाड़ियां, लैपटॉप, दो मोबाइल, जीपीएस का जैमर, फर्जी नंबर प्लेट, जाली आरसी और गाड़ी चोरी करने वाले औजार बरामद किए हैं। रिसीवर ने बताया कि चोरी की गाड़ियों को वह अवैध शराब और अफीम तस्करों को बेचता था।
डीसीपी (शाहदरा) आर. सत्यसुंदरम ने बताया कि एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड के इंस्पेक्टर राकेश रावत की देखरेख में एसआई परवेश नैन, एचसी सुनील और सिपाही सचिन की टीम बनाई गई। पुलिस टीम ने 8 सितंबर को विवेक विहार के सीबीडी ग्राउंड के पास नंबर प्लेट बदल रहे आरोपियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। पुलिसवालों ने फैसल और अजरुद्दीन को दबोच लिया। इस दौरान दो पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। बरामद ब्रीजा कार मानसरोवर पार्क इलाके से चोरी पाई गई, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी।
इनसे पूछताछ आरोपियों ने बताया कि अपने सहयोगी कुलदीप और परवेज के साथ मिलकर दिल्ली-एनसीआर से 50 से ज्यादा लग्जरी गाड़ियां चोरी कर चुके हैं। इन गाड़ियों को विभिन्न राज्यों में बेचा गया है। इनके घर में छापेमारी कर दो कारें और बरामद की गईं। फैसल के दयालपुर स्थित घर से गाड़ी चुराने के औजार मिले। फरार होने वाले आरोपियों की पहचान कुलदीप और परवेज के तौर पर हुई, जो पुलिसवालों को टक्कर मारकर फरार हुए थे। अलीपुर से बीसी कुलदीप को दबोच लिया गया।
आरोपियों ने बताया कि वह टेक्निकल सपोर्ट सिस्टम से गाड़ियों के इंजिन कंट्रोल मोड्यूल को डिकोड कर लेते थे। कार को चोरी करने के बाद इंजिन और चेसिस नंबर बदलते थे। गाड़ी को नई पहचान देकर बेच देते थे। आरोपी ऐप के जरिए डिजिटल की बनाने में मास्टर था। कुलदीप की निशानदेही पर पुलिस राजस्थान से मनीष कुमार को दबोच लाई। जांच के दौरान एक हल्द्वानी गैंग का नाम भी सामने आया। पुलिस रामपुर जिले के बिलासपुर से परवेज को दबोच लाई, जिसके गैंग मेंबर अभी फरार हैं।