लड़की भगाने के आरोपी की बाल सुधार गृह में मौत, परिजनों का पुलिस पर थर्ड डिग्री देने का आरोप


बुलंदशहर। यूपी के बुलंदशहर में सोमवार को बाल सुधार गृह में एक बाल बन्दी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने बाल सुधार गृह प्रशासन पर थर्ड डिग्री देने का आरोप लगाया है। हालांकि, प्रशासन ने सभी आरोपों को नकारते हुए बाल बन्दी की मौत को सुसाइड करार दिया है। बाल बन्दी रोहित ने सुसाइड क्यों किया इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
अमरोहा जनपद के गजरौला के रहने वाले रोहित को लड़की भगा ले जाने के जुर्म में बाल बन्दी गृह में 30 जुलाई को लाया गया था। बन्दी गृह से 20 दिन पूर्व रोहित और अन्य चार बन्दी बाल सुधार गृह का ताला तोड़कर फरार हो गए थे। एक सप्ताह पूर्व रोहित ने हापुड़ पुलिस के सामने सरेंडर किया था। इसके बाद रोहित को फिर से बुलंदशहर बाल बन्दी गृह लाया गया।
रोहित के परिजनों ने बन्दी गृह प्रशासन पर रोहित को थर्ड डिग्री देने का आरोप लगाया है। परिजनों का दावा है कि रोहित को बन्दी गृह के स्टाफ से जान का खतरा बना हुआ था जिसकी रोहित ने आशंका भी जाहिर की थी। रोहित के पिता की मानें तो बाल बन्दियों ने बाल सुधार गृह के स्टाफ की शह पर रोहित के साथ मारपीट की थी। इससे उसकी कोल्हे की हड्डी और पसलियां भी टूट गईं थीं। परिजनों के मुताबिक बन्दी गृह प्रशासन रोहित से इस वजह से नाराज रहता था, क्योंकि वह अपने परिजनों से बन्दी गृह के स्टाफ के आचरण की शिकायत करता था। वहीं, फिलहाल परिजनों के आरोप के आधार पर डीएम बुलंदशहर रविन्द्र कुमार ने सिटी मजिस्ट्रेट को मामले की जांच सौंप दी है।