लूट की घटना का सफल अनावरण, गाजियाबाद पुलिस नेअभियुक्त को किया गिरफ्तार


गाजियाबाद ब्यूरो। गाजियाबाद के बंथला में कारोबारी से गनपॉइंट पर हुई लूट का रविवार को खुलासा कर दिया गया। स्वाट टीम और लोनी थाना पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 5.30 लाख रुपये, होंडा सिविक कार, 3 तमंचे और बाइक मिली हैं। बदमाशों का टारगेट कारोबारी नहीं था। उससे लूटी गई रकम से आधुनिक हथियार खरीदने की प्लानिंग थी। उन हथियारों के दम पर लोनी से बागपत के बीच बड़ी लूट करने वाले थे। बदमाशों ने रेकी कर पता लगाया था कि इस रूट पर हफ्ते में एक दिन करीब ढाई करोड़ रुपये की आवाजाही होती है। एसपी देहात डॉ. ईरज राजा ने बताया कि आरोपियों के नाम शकील, सौरभ गुर्जर और सनी शर्मा है। गैंग का मास्टरमाइंड अशोक और गिरेंद्र फरार हैं। अशोक की मां बीडीसी सदस्य है।
गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि अशोक ने रेकी के बाद पूरी घटना की प्लानिंग की थी। उसने कपड़ा कारोबारी प्रदीप की रेकी की। फिर 9 सितंबर को लूट का दिन तय किया। प्रदीप ने उस दिन 2 जगह से रुपये लिए थे। बदमाश प्रदीप के पीछे शुरू से लगे थे। दोनों जगह से उन्हें 2-3 लाख रुपये मिलने की उम्मीद थी। प्रदीप दूसरी दुकान से रुपये लेकर बाहर आया तो सौरभ, सनी और अशोक ने गनपॉइंट पर उसे लूट लिया और कार लेकर भाग गए। कुछ दूर जाने पर कार में देखा कि रुपये तो उम्मीद से कहीं ज्यादा थे।
गिरफ्तार आरोपित सौरभ ने पुलिस को गैंग की प्लानिंग के बारे में बताया। सौरभ के अनुसार, उनका टारगेट प्रदीप नहीं था। प्रदीप से मिले रुपये से बड़ी लूट को अंजाम देना था। इसके लिए रेकी और दूसरे काम पूरे कर लिए गए थे। लोनी से बागपत के बीच सप्ताह में एक बार करीब ढाई करोड़ रुपये का आना-जाना होता है। इसी रकम को यह गैंग लूटने की फिराक में था। चूंकि रकम ज्यादा थी, ऐसे में सुरक्षा कड़ी रहती। इससे निपटने के लिए आरोपियों को आधुनिक हथियार चाहिए थे। हथियार और दूसरे इंतजाम करने के लिए प्रदीप को लूटा गया।
रकम 15 लाख रुपये से ज्यादा मिली तो हंगामा ज्यादा होने लगा। ऐसे में गैंग ने कुछ दिन के लिए अपने प्लान को टाल दिया था। हालांकि बड़ी लूट की प्लानिंग की तैयारियां चल रही थीं। इसी के तहत दिल्ली से एक पुरानी होंडा सिविक कार खरीदी गई थी।