अफसर बन साथियों संग वसूली करता था दिल्ली का होमगार्ड और तीन पत्रकार गिरफ्तार


गाजियाबाद ब्यूरो। गाजियाबाद में मसूरी थाना पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि पत्रकार बनकर तो कभी अधिकारी बनकर ये उगाही करते थे। एशियन पेंट की एक दुकान में छापेमारी करने पहुंचे थे। दुकानदार को कंपनी का अधिकारी बताया। कुछ देर की जांच के बाद कहने लगे कि नकली माल बेचते हो। पुलिस केस कराएंगे। दुकानदार डर गया। उससे 2 लाख रुपये की डिमांड की गई।
पीड़ित ने 45 हजार रुपये तुरंत दे दिए, बाकी पैसे देने के लिए वक्त मांगा। बदमाशों के जाने के बाद दुकानदार को शक हुआ और उन्होंने एशियन पेंट में कॉल किया। वहां से ऐसी कार्रवाई से इनकार किया गया तो मामला पुलिस में पहुंचा। एएसपी आकाश पटेल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों के नाम मनीष कुमार, अंकुर, पवन गौड़ और मोहम्मद अली है। अंकुर दिल्ली में होमगार्ड है। इनके पास से पत्रकार का पहचान पत्र भी मिला है। इनके 3 साथी अभी फरार हैं। सभी की क्राइम हिस्ट्री निकाली जा रही है।
बदमाशों ने इस तरह से कई लोगों को ठगा है। कुछ ऐसे लोग भी हैं जो अब तक पुलिस में शिकायत दर्ज कराने नहीं पहुंचे। उन्होंने इन्हें चुपचाप रुपये देकर खामोश रह गए। उनके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
मसूरी के मयूर विहार निवासी नदीम की पेंट की दुकान है। दुकान पर शनिवार को बैठे थे, तभी 7 लोग पहुंचे। उन्होंने खुद को एशियन पेंट का अधिकारी बताया। बोले, दुकान में कंपनी का नकली पेंट बेचा जा रहा है। नदीम को सभी ने पुलिस केस की धमकी देनी शुरू कर दी। इस दौरान बाकी लोग दुकान की जांच करते रहे। दुकान बंद होने और कानूनी पचड़े में फंसने का डर दिखाकर आरोपितों ने नदीम से 2 लाख रुपये मांगे। 45 हजार रुपये गल्ले में थे तो नदीम ने तुरंत दे दिए। आरोपितों ने बाकी रुपये शनिवार रात तक पहुंचाने के लिए कहा था।
एएसपी ने बताया कि छापेमारी के लिए पहुंचे बदमाश 2 लाख रुपये में से बाकी बची रकम पहुंचाने के लिए बार-बार कॉल कर रहे थे। शनिवार शाम तक रुपये नहीं पहुंचाने पर केस दर्ज कराने की धमकी दे रहे थे। इससे नदीम को शक हुआ। उन्होंने एशियन पेंट में कॉल किया और पूरे घटनाक्रम की सूचना दी। कंपनी ने बताया कि इस तरह की छापेमारी उनकी तरफ से कभी नहीं की जाती है। कंपनी के अधिकारियों ने फौरन पुलिस में शिकायत की सलाह दी। इसके बाद नदीम ने मसूरी थाना पुलिस को सूचना दी।
एएसपी ने बताया कि अभी गैंग के 3 बदमाश फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद इस गैंग के बारे में अन्य जानकारी भी सामने आएगी। हालांकि प्राथमिक जांच के बाद पता चला है कि बदमाश इसी प्रकार से दुकान पर जाकर खुद को विभिन्न कंपनियों का जांच अधिकारी बताते थे। फिर जांच में नकली माल मिलने का डर दिखाकर केस दर्ज कराने का दबाव बनाते थे। कई बार पत्रकार बताकर भी उगाही करते थे। कोई पुलिस में जाने की धमकी देता तो पत्रकार का रौब दिखाकर सेटिंग होने की बात कहते थे।