कृष्ण 'अवतार' में कमलनाथ के लगे पोस्टर, बीजेपी भड़की, कहा- हिंदू धर्म का है अपमान


भोपाल,(मध्य प्रदेश)। राजधानी भोपाल स्थित कांग्रेस ऑफिस के बाहर पोस्टर लगे हैं। पोस्टर में पूर्व सीएम कमलनाथ को कृष्ण के रूप में दिखाया गया है। वहीं, सीएम शिवराज सिंह चौहान को 'कंस मामा' के अवतार में दिखाया गया है। इस पोस्टर के सामने आने के बाद विवाद शुरू हो गया है। बीजेपी नेताओं ने कहा है कि यह हिंदू धर्म का अपमान है। वहीं, पोस्टर लगाने वाले नेता ने कहा है कि प्रदेश की स्थिति अभी ऐसी ही बनी है।
कांग्रेस नेता शहयार खान ने कहा कि भोपाल में पार्टी ऑफिस के बाहर इसे लगाया गया था, जिसमें कमलनाथ को कृष्ण के रूप में चित्रित किया गया था। इस पोस्टर के लिए लोग कमलनाथ से 2023 का चुनाव लड़ने और बीजेपी को सबक सिखाने की अपील कर रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि जब धरती पर पाप बढ़ता है तो भगवान किसी को भेजते हैं... कमलनाथ तो विकास पुरुष हैं। उनका छिंदवाड़ा मॉडल प्रदेश में विकास की आदर्श मिसाल है, जबकि सीएम शिवराज सिंह चौहान ने यहां कुछ खास नहीं किया।
इस पोस्टर में सबसे ऊपर कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी की तस्वीर लगी है। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेताओं की तस्वीर है। जन्माष्टमी पर पोस्टर वायरल होने के बाद प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि यह हिंदू धर्म का अपमान है। कांग्रेस हमेशा धर्म का मजाक उड़ाते रहती हैं। ये लोग राम का विरोध करते हैं, राम मंदिर निर्माण का विरोध करते हैं और राम सेतु को इनकार करते हैं। यह भगवान श्रीकृष्ण का अपमान है। हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए सारंग ने कहा कि इस बैनर के पीछे कांग्रेस के दो नेता हैं। एक कांग्रेस प्रवक्ता शाहयार खान और दूसरे स्वदेश शर्मा हैं।
शाहयार ने खान ने कहा कि बीजेपी ने भगवान राम का पेटेंट नहीं करवाया है। हमने इस पोस्टर के जरिए 2018 में कांग्रेस की विक्ट्री को दिखाया है। उन्होंने कहा कि वह हम पर कैसे हिंदू धर्म के अपमान को लेकर आरोप लगा सकते हैं। बीजेपी के नेता सुदंरकांड के पाठ में जूता पहनकर खड़े थे।
कांग्रेस प्रवक्ता स्वदेश शर्मा ने कहा कि हमने जन्माष्टमी पर भगवान श्री कृष्ण के जन्म के बाद रात 12 बजकर एक मिनट पर पोस्टर लगाया था। उन्होंने कि प्रदेश की सरकार जनहित के असली मुद्दों से भाग रही है। हर चीज को हिंदू और मुस्लिम की ओर ले जा रही है। यहां आदिवासी युवक को ट्रक से घसीटकर मार दिया जाता है। ऐसे में सुशासन की परिकल्पना कैसे कर सकते हैं। प्रदेश में कानून का राज कहां है।
उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह चौहान खुद को मामा बताते हैं, लेकिन महिला चयनित शिक्षक प्रदेश में नियुक्ति पत्र के लिए भटक रही हैं। वह बीजेपी ऑफिस के बाहर जाकर बैठी थीं, लेकिन मामा कहां हैं।