सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी, ताजमहल के प्रतिबंधित इलाके में आगरा विकास प्राधिकरण ने कराया शो


आगरा। ताजमहल के 500 मीटर की परिधि में आगरा विकास प्राधिकरण ने शो करके सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाई हैं। यमुना की तलहटी पर वॉटरप्रूफ पांडाल लगाकर लाइट एंड साउंड का शो किया गया। देर शाम तक चले इस आयोजन के चलते पर्यटकों को भी ताज का दीदार नहीं करने दिया गया, जबकि सुप्रीमकोर्ट की रोक के चलते पिछले 23 साल से ताज के प्रतिबंधित क्षेत्र में कोई भी सांस्कृतिक कार्यक्रम पर रोक है। बुधवार शाम करीब 5.30 बजे एडीए ने इंक्रेडिबल ताज कंसर्ट हारमनी का आयोजन किया था जो कि करीब रात आठ बजे तक जारी रहा। कार्यक्रम मेहताब बाग की बाउंड्री से सटाकर किया गया। यह प्रतिबंधित क्षेत्र के दायरे में आता है। इसकी दूरी भी करीब 315 मीटर आंकी जा रही है। इस दौरान तेज साउंड और लाइटिंग भी की गईं। नियम के अनुसार अगर कोई आयोजन 500 मीटर के दायरे से बाहर भी किया जाता है तो भी ध्वनि प्रदूषण की जांच के साथ संबंधित विभागों से अनुमति लेनी जरूरी होती है। इस कार्यक्रम में आगरा के कई अधिकारी और गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। एडीए के उपाध्यक्ष डॉ राजेंद्र पैंसिया का कहना है कि उन्हें ताजमहल के दूरी की जानकारी नहीं थी, हालांकि लाइट एंड साउंड लिमिट के अनुसार ही रहा है।
ताजमहल के बैकग्राउंड में मशहूर संगीतकार यान्नी का शो 24 मार्च 1998 को हुआ था। शो में हुई रोशनी के चलते ताजमहल पर कीड़े जमा हो गए थे। कीड़ों के स्त्राव से संगमरमर पर दाग बन गए। इसके बाद रसायन शाखा की रिपोर्ट के बाद लाइटिंग पर रोक लगा दी गई। इससे पूर्व कमिश्नर रहे प्रदीप भटनागर ने भी एक शो कराने के लिए एलईडी लाइटिंग कराने की कोशिश की गई, लेकिन एएसआई के अधिकारियों ने सुप्रीमकोर्ट की आदेशों का हवाला देकर कार्यक्रम नहीं होने दिया।
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार मेहताब बाग से 100 मीटर और ताजमहल से 500 मीटर तक का दायरा प्रतिबंतिध है। बुधवार को मेहताब बाग से ताजमहल का दीदार करने पहुंचे सैलानियों को काफी मुश्किलें हुईं। पर्यटकों को ताज का दीदार नहीं करते दिया गया। एक सैलानी ने बताया कि उन्हें अष्कोणीय फव्वारे से ताजमहल का दीदार करना था, लेकिन शो के चलते उसे जाने नहीं दिया गया।