मणिपुर के उग्रवादी संगठन कुकी नैशनल फ्रंट का कमांडर दिल्ली में गिरफ्तार


नई दिल्ली। स्पेशल सेल ने मणिपुर के उग्रवादी संगठन कुकी नैशनल फ्रंट (केएनएफ) के स्वयंभू कमांडर इन चीफ को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 24 वर्षीय मंगखोलम किपजेन उर्फ डेविड किपजेन के तौर पर हुई है। यह मूल रूप से मणिपुर के जिला कांगपोकपी का रहने वाला है। आरोपी हथियार छीनने, फिरौती के लिए अपहरण, फायरिंग, जबरन वसूली और अन्य उग्रवादी गतिविधियों में मणिपुर पुलिस के लिए वॉन्टेड था। इसके पास मणिपुर में सशस्त्र उग्रवादियों का बड़ा नेटवर्क है। किपजेन इन दिनों फिरौती के लिए मणिपुर में सड़कों और अन्य प्रतिष्ठानों के निर्माण में शामिल एक निर्माण कंपनी के कर्मचारियों के अपहरण की योजना बना रहा था। डीसीपी प्रमोद कुशवाहा के मुताबिक, इंस्पेक्टर रविंदर कुमार त्यागी के सुपरविजन में एक टीम को सूचना थी कि कुकी नैशनल फ्रंट मणिपुर का एक स्वयंभू कमांडर इन चीफ दिल्ली में है। लोकेशन दिल्ली के द्वारका की आ रही थी। एसआई सचिन, राजकुमार, उमेश, एएसआई ओमबीर सिंह, नरेंद्र सिंह, एएसआई सत्यदेव राणा, कॉन्स्टेबल कपिल देव, मुकेश, दीपक, विकास, मोनबीर, राजवीर और अवधेश द्वारका पहुंचे। इनपुट के हिसाब से सेक्टर-7, द्वारका में ट्रैप लगाया। वॉन्टेड मंगखोलम किपजेन को पकड़ लिया गया।
वर्ष 2018 में वह अपने गांव के केएनएफ काडरों के संपर्क में आया। उनके साथ जबरन वसूली, डकैती जैसे अपराधों में शामिल हो गया। जल्द ही वह मणिपुर में सशस्त्र / पुलिस बल के हथियार छीनने, फिरौती के लिए अपहरण, जबरन वसूली के लिए मणिपुर में कुख्यात हो गया। जून-2020 में खुद को उसने केएनएफ का स्वयंभू कमांडर इन चीफ घोषित किया। दिसंबर-2020 को इसने अन्य सहयोगियों के साथ कांगवई पुलिस चौकी, जिला चुराचांदपुर, मणिपुर के दो संतरियों पर हमला किया। उसके बाद अपहरण कर लिया और बाद में एक सर्विस इंसास राइफल को छीन लिया। इस मामले में मणिपुर पुलिस से लूटी गई सरकारी राइफल के साथ 8 काडरों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन यह गिरफ्तारी से बचता रहा। इसी साल फरवरी में अपने सहयोगियों के साथ फिरौती के लिए कालापहाड़, चुराचांदपुर से एक नेपाली नागरिक टिक्कराम रिजाल का अपहरण कर लिया। इस मामले में दो लोगों को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है।