दिल्ली में बरती जा रही है सख्ती, प्रदूषण फैला रही गाड़ियों का 10 हजार का चालान, 15 साल पुरानी गाड़ी को जब्त करने का आदेश


  • परिवहन विभाग की 56 टीमों को निर्देश, प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को नहीं छोड़ा जाए
  • स्कूटर-बाइक से लेकर फोर व्हीलर के ड्राइवरों के भी हुए 10-10 हजार के चालान
  • विशेष अभियान में पहले दिन ही शाम तक 250 से ज्यादा चालान हो चुके थे, भारी जुर्माना
दिल्‍ली ब्यूरो। दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए कई स्तर पर एक्शन शुरू किया गया है। जहां धूल प्रदूषण को रोकने के लिए बनाई गई टीमें अलग-अलग निर्माण साइट पर जाकर निरीक्षण कर रही है, वहीं गुरुवार से परिवहन विभाग की एनफोर्समेंट टीमें भी हरकत में आ गई हैं। परिवहन विभाग ने प्रदूषण के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है और सबसे ज्यादा चालान वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) के बिना गाड़ी चलाने वालों के हुए हैं।
स्कूटर-बाइक से लेकर चार पहिये गाड़ी चलाने वालों के भी चालान हुए हैं। वैध पीयूसी के बिना गाड़ी चलाना बहुत महंगा पड़ रहा है और इसके लिए 10 हजार रुपये तक का चालान किया जा रहा है। इसके साथ ही 15 साल पुरानी गाड़ी अगर सड़क पर चलती पाई जा रही है तो उसे जब्त भी किया जा रहा है।
परिवहन विभाग के जॉइंट कमिश्नर नवलेन्द्र कुमार सिंह के मुताबिक, पहले दिन एनफोर्समेंट की 30 से ज्यादा टीमों को प्रदूषण के खिलाफ अभियान में लगाया गया और 250 से ज्यादा चालान हुए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि प्रदूषण के खिलाफ अभियान में सभी अपना सहयोग दें और अपनी गाड़ी को वैध पीयूसी के साथ ही चलाएं। प्रदूषण एक बड़ी समस्या है और सबको मिलकर इस अभियान में शामिल होना है। विभाग का यह अभियान और तेज होगा और प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
पहले दिन स्कूटर-बाइक वालों के भी चालान हुए हैं, जिनके पास वैध पीयूसी नहीं था। जिनके चालान हुए हैं, उनमें से बहुत के पास तो पीयूसी था ही नहीं और जिनके पास पीयूसी था, उनके डॉक्युमेंट की समय सीमा पूरी हो चुकी थी और उन्होंने गाड़ी की प्रदूषण जांच नहीं करवाई थी। सरकार ने परिवहन के बाकी दस्तावेजों की अवधि तो 30 नवंबर तक बढ़ा दी है, लेकिन पीयूसी जरूरी है। पीयूसी के बिना गाड़ी नहीं चलाई जा सकती।
बिना पीयूसी के चलने और एक्सपायर्ड पीयूसी रखने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाता है। दिल्ली में करीब 950 पीयूसी सेंटर हैं। वैध पीयूसी के बिना गाड़ी चलाने पर चालान एक हजार रुपये से बढ़ाकर 10000 रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही बिना पीयूसी के गाड़ी चलाने पर तीन महीने के लिए लाइसेंस भी सस्पेंड किया जा सकता है और इस बारे में पब्लिक नोटिस जारी कर दिया गया है।
परिवहन विभाग की ओर से एक पब्लिक नोटिस जारी कर पहले ही लोगों को आगाह किया जा चुका है कि वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) के बिना गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। जुर्माने के साथ- साथ लाइसेंस सस्पेंड भी होगा। दिल्ली में अब सर्दियों का मौसम आएगा और सर्दियों में प्रदूषण की समस्या बढ़ेगी। वाहनों से होने वाले प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है। वहीं जुलाई से सितंबर तक के प्रदूषण जांच रिपोर्ट को देखें तो अलग- अलग श्रेणियों में 3 से 5 प्रतिशत गाड़ियां जांच में फेल हो रही हैं। चार पहिये वाली गाड़ियां प्रदूषण जांच में सबसे ज्यादा फेल हो रही है और सबसे कम थ्री वीलर्स जांच में फेल हुए हैं।