दिल्ली के टॉप-10 खूंखार, पुलिस को चकमा देकर हैं फरार


दिल्ली ब्यूरो। गैंगस्टर जितेंद्र मान उर्फ गोगी की कोर्ट रूम में हत्या और गैंगवॉर में नजफगढ़ मर्डर के बाद दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने गैंगों की नकेल कसने के निर्देश दिए हैं। अफसरों को गैंगस्टर्स और उनके गुर्गों लिस्ट बनाने को कहा गया है, ताकि उनकी हर गतिविधि पर निगरानी रखी जा सके। दिल्ली पुलिस के लिए ये टॉप टेन मोस्ट वॉन्टेड सिरदर्द बने हुए हैं। कुछ ऐसे नामी बदमाश भी हैं, जो अभी साइलेंट हैं। लेकिन लंबे समय से चकमा देकर फरारी काट रहे हैं। 
​1. कपिल सांगवान उर्फ नंदू
नजफगढ़ निवासी गैंगस्टर नंदू पर दो लाख का इनाम है। इस पर हत्या, रंगदारी और लूटपाट के एक दर्जन केस पहले से दर्ज हैं। परोल जंप कर 2019 से फरार चल रहा है। स्पेशल सेल ने मकोका लगाई है। फरारी के बाद भी हत्या और रंगदारी समेत सात केस में वॉन्टेड है। इसके गैंग में 12 सक्रिय मेंबर हैं, जिसमें जेल में बंद सगा भाई ज्याति सांगवान उर्फ बाबा भी है। नंदू के लंदन में होने के इनपुट हैं।
​2. दीपक पहल उर्फ बॉक्सर
सोनीपत निवासी जूनियर नैशनल गोल्ड मेडलिस्ट गोगी को 2016 में बहादुरगढ़ में पुलिस कस्टडी से छुड़ाने पर चर्चा में आया था। दो लाख इनामी बॉक्सर गोगी गैंग पर 2018 में मकोका लगने के बाद से फरार है। फरारी के दौरान भी दो मर्डर, एक पुलिसवालों पर कातिलाना हमले और जीटीबी अस्पताल से इस साल कुलदीप उर्फ फज्जा को पुलिस कस्टडी से भगाकर ले जाने वाले केस में वॉन्टेड है।
​3. शाहरुख
साउथ दिल्ली के गैंगस्टर शक्ति नायडू के 'बच्चा गैंग' का लीडर रहा शाहरूख अब जेल में बंद यमुनापार के गैंगस्टर हाशिम बाबा का गुर्गा है। गैंगस्टर इरफान उर्फ छेनू पहलवान पर 2015 में कड़कड़डूमा कोर्ट में कातिलाना हमला करने में इसका अहम रोल था। दो लाख इनामी मदनगीर का शाहरूख डेढ़ साल के भीतर चार मर्डर और एक हत्या के प्रयास के केस में वॉन्टेड है। इसके गुर्गे पकड़े जा चुके हैं, लेकिन ये फरार है।
​4. गौरव त्यागी उर्फ प्रवीन उर्फ गोलू
होलंबी कलां निवासी गौरव छत्रसाल स्टेडियम के अखाड़े में पहलवानी के हाथ आजमा चुका है। इस पर एक लाख का इनाम है। यह पहले रोहिणी में प्रॉपर्टी का कारोबार करता था। स्वीकार लूथरा के नकली सिक्के वाले गैंग से जुड़ा और दिल्ली-एनसीआर में नकली करंसी का धंधा करने लगा। फिर गैंगस्टर परवेश मान से जुड़ा और रोहिणी में रंगदारी मांगने लगा। फिलहाल गैंग को यही ऑपरेट कर रहा है। मकोका में वॉन्टेड है।
​5. नवीन उर्फ विक्की उर्फ भांजा
हरियाणा के रोहतक जिले का रहने वाले विक्की पर 50 हजार रुपये का इनाम है। गैंगस्टर नीरज बवानिया का यह गुर्गा बागपत से 2014 में पुलिस कस्टडी से गैंगस्टर अमित भूरा को छुड़वाने वाले बदमाशों में शामिल था। इसके खिलाफ मर्डर, लूटपाट और रंगदारी समेत एक दर्जन केस पहले से दर्ज हैं। फिलहाल रंगदारी मांगने और एक कारोबारी के घर के बाहर फायरिंग करने के मामले में वॉन्टेड चल रहा है।
​6. विकास डबास उर्फ भोलू उर्फ फौजी
दिल्ली के सुल्तानपुर डबास का रहने वाला भोलू 50 हजार का इनामी बदमाश है। ये भी गैंगस्टर नीरज बवानिया का गुर्गा है। एक दाल मिल मालिक से एक करोड़ की रंगदारी मांगी थी, जिसे नहीं देने मिल के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। तिहाड़ जेल में बंद नवीन बाली और राहुल काला के गांव का ही रहने वाला है। पहले से मर्डर और रंगदारी के लिए फायरिंग के आठ केस दर्ज हैं। मंडावली में रंगदारी के केस में वॉन्टेड है।
​7. अनुज उर्फ मोहित उर्फ लांबा
हरियाणा के झज्जर जिले के लांबा पर एक लाख 30 हजार रुपये का इनाम है। यह रोहिणी जिले के बेगमपुर इलाके में लूटपाट करने लगा। जेल में वह कई गैंगस्टरों के संपर्क में आया तो उन्हें अपना रोल मॉडल मानने लगा। जेल से बाहर आने के बाद गैंगस्टर्स के ऑर्डर पर वारदातों को अंजाम देने लगा। पिछले साल कापसहेड़ा में हुए एक मर्डर केस में वॉन्टेड चल रहा है।
​8. राकेश कुमार उर्फ राका उर्फ संजू
टिल्लू ताजपुरिया का शार्पशूटर राका अलीपुर के ताजपुर कलां का रहने वाला है। केशवपुरम में 2013 में लूट में इसका नाम आया। इसके बाद 2015 में रोहिणी में किडनैपिंग कर मर्डर को अंजाम दिया। टिल्लू के इशारे पर इस साल 4 फरवरी को कंझावला के कराला गांव में गोगी के करीबी कुलबीर माथुर उर्फ गोलू की हत्या की। पिछले महीने हरियाणा में हुए कई मर्डर में भी शामिल रहा है।
​9. दीपक उर्फ सोनू
रोंहतक के सांपला के रहने वाले सोनू पर डेढ़ लाख रुपये का इनाम है। टिल्लू गैंग के शार्पशूटर पर 2018 में दो मर्डर केस में शामिल रहा था। पश्चिम विहार पुलिस ने इसे गिरफ्तार कर लिया। जेल से बाहर आने 2020 में बेगमपुर थाना इलाके के रोहिणी सेक्टर -24 में हुए एक मर्डर में वॉन्टेड चल रहा है। पुलिस का दावा है कि यह और राका टिल्लू के इशारे पर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
​10. अभिषेक उर्फ रोहित उर्फ तारा
बवाना का रहने वाले इस बदमाश पर 50 हजार रुपये का इनाम है। पुलिस की फाइल में इसका नाम 2019 में आया। एक मर्डर और दो कातिलाना हमले में वॉन्टेड यह बदमाश पुलिस को लगातार चकमा दे रहा है। एक नाबालिग समेत तीन बदमाश इसके सहयोगी है। पुलिस को शक है कि वह किसी गैंग में शामिल होकर फरारी काट रहा है। गैंगस्टर इसका इस्तेमाल वारदातों में कर सकते हैं।
ये तीन मोस्ट वॉन्टेड हैं साइलेंट
1. विजय सिंह उर्फ पहलवान
वसंत कुंज नॉर्थ थाने के इस घोषित बदमाश पर एक लाख का इनाम है। मर्डर केस में 2011 में परोल लेकर बाहर और फरार हो गया। इस पर पहले से मर्डर, हत्या के प्रयास और कब्जा करने समेत 24 केस दर्ज हैं। ये 2011 में वसंत कुंज नॉर्थ के किडनैपिंग के बाद मर्डर और 2019 में किशन गढ़ के रंगदारी के एक मामले में वॉन्टेड है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल ये अंडरग्राउंड और साइलेंट है।
​2. विकास गुलिया उर्फ लगरपुरिया
हरियाणा के झज्जर का विकास 1.10 लाख का इनामी है। राम लाल आनंद कॉलेज में पढ़ने के दौरान ये नजफगढ़ इलाके के एक अखाड़े में जाने लगा। यहां से गैंगस्टर धीरपाल उर्फ काना के संपर्क में आया। काना की गैंगस्टर मंजीत महाल से गैंगवॉर हुई तो काना और लगरपुरिया ने गैंग बना लिया। मर्डर, रंगदारी और जमीन कब्जाने के 14 केस दर्ज हैं। मकोका में 2015 से वॉन्टेड है और साइलेंट है।
3. समुंदर खत्री उर्फ सुरेंद्र उर्फ सुरेश
नरेला के मामुरपुर के रहने वाले समुंदर की कई संगीन वारदातों में तलाश है। इस पर नरेला और सोनीपत में मर्डर समेत कई केस दर्ज हैं। जेल से बाहर आने के बाद अगले ही दिन 2015 में दिल्ली पुलिस के कॉन्स्टेबल की हत्या में इसकी तलाश है। हरियाणा पुलिस के एक सिपाही की हत्या में यह शामिल रहा है। इस पर 3 लाख का इनाम है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल ये अंडरग्राउंड है।