25 अक्टूबर की बैठक में तय होगा अखाड़ा परिषद का अध्यक्ष! कई अखाड़ों ने पेश की अपनी दावेदारी


प्रयागराज। यूपी के प्रयागराज ज‍िले में चर्चित महंत नरेंद्र गिरि मर्डर मिस्ट्री की गुत्थी सुलझाने में सीबीआई जुटी है। इस बीच अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने महंत के खाली हुए पद को भरने की कवायद शुरू कर दी है। अखाड़ा परिषद की ओर से 25 अक्टूबर को एक बैठक बुलाई गई है। हालांकि यह बैठक प्रयागराज में होगी या हरिद्वार में ये अभी तय नहीं हो पाया है। वहीं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष पद के लिए 13 अखाड़े में वैष्णव और जूना अखाड़ा ने अपने दावेदारी पंचों के सामने पेश किया है।
मिली जानकारी के अनुसार अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष की बैठक महंत हरि गिरि की अगुवाई में होगी। इसके लिए कई अखाड़ों के लोगों ने अध्यक्ष पद की दावेदारी के लिए अपने नाम पंचों के सामने रखा है। हालांकि इस पद के लिए आपसी खींचतान भी सामने नजर आने लगी है। 25 अक्टूबर को होने वाली बैठक को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष पंच निर्मोही अखाड़ा महंत राजेंद्रदास महाराज बताया क‍ि देश के अंदर 13 अखाड़ा है। 13 अखाड़ों में 26 प्रतिनिधि है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष का चयन तभी होगा जब 26 प्रतिनिधि होंगे।
उन्‍होंने बताया क‍ि महंत नरेंद्र गिरि और हरि गिरि महाराज, 13 अखाड़ों के 26 प्रतिनिधियों में से 2 अतिरिक्त थे। वो अखाड़ा परिषद में थे ही नहीं। दोनों लोग जबरन पद पर थे। साधु समाज में अखाड़ों में भी शोषण किया जा रहा है। वो दोनों लोग अतिरिक्त थे। वरिष्ठ होने के कारण विरोध नहीं क‍िया गया। अब जब पंच की ओर से नियुक्त अखाड़ा परिषद में 26 प्रतिनिधि होंगे, तभी वह बैठक में शामिल होंगे। फिलहाल अभी बैठक की सूचना नहीं है।
अध्यक्ष राजेंद्रदास ने कहा क‍ि मैं राजेंद्र दास सन 2002 से निर्मोही अखाड़े का अध्यक्ष हूं और मैं ही अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष का प्रथम उम्मीदवार हूं। निर्मोही अखाड़े के अध्यक्ष राजेंद्रदास ने कहा क‍ि अभी मैं गुजरात में हूं, मुझे नहीं बोलना चाहिए, लेकिन अब जब सभी अपना अपना पक्ष रख रहे हैं तो बोलना पड़ रहा है। यह दुर्भाग्य है कि 13 अखाड़ों के 26 प्रतिनिधियों के अतिरिक्त अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि और महामंत्री हरि गिरि दो बार से है। अखाड़ा परिषद की बैठक यदि 26 प्रतिनिधियों में से किसी के द्वारा आयोजित होती है तो वह बैठक में जाएंगे नहीं तो नहीं शामिल होंगे।
उन्होंने कहा अखाड़ा परिषद के बिना कोई काम नहीं रुक रहा। सभी अखाड़े स्वतंत्र हैं और सभी का काम चल रहा है। वहीं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष पद को लेकर जूना और वैष्णव दोनों अखाड़ों ने अपनी दावेदारी किया है। मिली जानकारी के अनुसार ऐसा माना जा रहा है अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष पद के लिए अभी कई और नाम सामने आना बाकी है।