आरटीओ की फर्जी वेबसाइट बनाकर 3300 लोगों से ठगे 70 लाख रुपये


दिल्ली ब्यूरो। लोगों की मुश्किलों को आसान करने के लिए दिल्ली सरकार ने आरटीओ की विभिन्न सर्विसेज को ऑनलाइन कर दिया है। लेकिन सावधानी न बरतने पर आप ठगी के शिकार भी हो सकते हैं। आरटीओ की फेक वेबसाइट के माध्यम से अब तक करीब 3300 लोगों को ठगने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय में निदेशक पीयूष जैन की शिकायत के बाद यह कार्रवाई की है।
स्पेशल सेल की साइबर क्राइम यूनिट द्वारका से मिली जानकारी के अनुसार, करीब 3300 लोगों से अब तक 70 लाख रुपये की ठगी हो चुकी है। आरोपी कपिल त्यागी (30) गाजियाबाद का रहने वाला है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मिनिस्टी ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाइवे के डायरेक्टर पीयूष जैन की तरफ से शिकायत मिली थी कि आरटीओ की कुछ फेक वेबसाइट एकदम मिलते-जुलते नामों से चल रही हैं। यह आरटीओ की विभिन्न सर्विस व डॉक्युमेंट्स के नाम पर लोगों से फीस चार्ज कर रही हैं।
जांच में इन फर्जी वेबसाइट को खंगाला गया। पीड़ितों की बैंक स्टेटमेंट की जांच की गई और इसके आधार पर पता चला कि ट्रांजेक्शन का फंड ग्लोबल इंडिया सर्विसेज के अकाउंट में जमा हुआ है। जब इस बैंक खाते और इससे जुड़े सेविंग्स अकाउंट की जांच की गई तो पता चला कि आरोपी ने गूगल एड आदि की सहायता से अपनी फेक वेबसाइट को गूगल सर्च में टॉप पर रखा हुआ था। इसके बाद व्यक्ति का पता निकालकर उसे अरेस्ट किया गया। एसआई कर्मवीर व अन्य ने डिजिटल फुटप्रिंट डिवेलप कर आरोपी की पहचान की। इसकी मदद से पुलिस टीम गाजियाबाद में आरोपी कपिल त्यागी तक पहुंच गई और उसे उसके घर से अरेस्ट कर लिया।
आरोपी मूल रूप से मुज्जफरनगर का रहने वाला है, लेकिन इन दिनों गाजियाबाद के राज नगर एक्सटेंशन में रह रहा है। वह 12वीं तक पढ़ा है, लेकिन एक फेक कॉल सेंटर में काम करने के दौरान उसने लोगों को ठगने के कई तरीके सीख लिए। इसके बाद उसने 2020 में अपना खुद का ऑफिस शुरू किया और कुछ फेक वेबसाइटें बनाईं। ये वेबसाइटें आरटीओ की सरकारी वेबसाइटों से मिलते-जुलते नामों से बनाई गई थीं। उसकी वेबसाइट पर विभिन्न सर्विसेज के लिए 3000 रुपये तक की चार्ज लेने का दावा किया गया था। आरोपी के पास से 10 चेक बुक, 15 सिमकार्ड, 4 मोबाइल फोन, 3 लेपटॉप, 2 पैन ड्राइव, 2 हार्ड ड्राइव, 15 क्रेडिट व डेबिट कार्ड और विभिन्न बैंक में 8.34 लाख रुपये बरामद फ्रीज किए गए हैं।