दिल्ली में 3500 से ज्यादा ई-बसों के लिए तैयार हो रहे हैं डिपो: कैलाश गहलोत


दिल्ली ब्यूरो। नए साल में दिल्ली में हर महीने इलेक्ट्रिक बसों के आने का सिलसिला शुरू जाएगा और शहर में इलेक्ट्रिक ऑटो भी दौड़ने लगेंगे। अगस्त 2020 में इलेक्ट्रिक वीकल पॉलिसी लागू होने के बाद से दिल्ली में अभी तक 23 हजार इलेक्ट्रिक गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन भी हो चुका है। केजरीवाल सरकार ने 3500 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसों को लाने का रोडमैप भी तैयार कर लिया है और नई-बसों के लिए बस डिपो भी तैयार किए जा रहे हैं। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली को इलेक्ट्रिक गाड़ियों की राजधानी बनाने का लक्ष्य रखा है और उसी मकसद को पूरा करने के लिए सारा रोडमैप तैयार किया गया है। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि डीटीसी के बेड़े में 300 ई-बसों को शामिल करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। अगले दो महीने में ये बसें आना शुरू हो जाएंगी। नये साल में हर महीने 100-100 ई-बसों के आने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही डीटीसी बोर्ड ने 1200 ई-बसों को मंजूरी दे दी है। अगले हफ्ते कैबिनेट की मीटिंग में इन बसों को लाने का प्रस्ताव लाया जाएगा और उसके बाद टेंडर जारी कर दिया जाएगा। इसके साथ ही डीटीसी के दायरे में 1000 और ई-बसों को शामिल किया जाएगा। क्लस्टर स्कीम में 330 ई-बसों के लिए टेंडर हो चुके हैं। नरेला डिपो में 240, द्वारका डिपो में 250 और बुराड़ी -2 डिपो के लिए 200 ई-बसों के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। गहलोत ने कहा कि सीएनजी की 450 नई-बसों के लिए टेंडर हुआ है लेकिन अब सरकार की तैयारी है कि आने वाले समय में जो भी नई बसें हों, वे इलेक्ट्रिक बसें ही हों। कुशक नाला डिपो की 240 सीएनजी बसों की समय सीमा पूरी हो रही है और उनके बदले भी ई-बसों का टेंडर होगा। परिवहन मंत्री ने बताया कि नई इलेक्ट्रिक बसों के रूट्स छोटे होंगे। दूसरी बसों के रूट्स 35 से 40 किमी तक के होते हैं लेकिन ई-बसों के रूट्स 20 से 25 किमी के होंगे। ये बसें नजफगढ़, नरेला, बवाना समेत कई जगहों के ग्रामीण इलाकों को जोड़ेंगी। जहां पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कमी है, उन जगहों पर ई बसें चलेंगी। सभी ई बसें लो फ्लोर एसी बसें होंगी। छोटे रूट्स होंगे ताकि दो ट्रिप के बाद बसों को चार्ज किया जा सके।
ई-बसों के लिए नए बस डिपो तैयार किए जा रहे हैं। कुछ जगह पर काम भी शुरू हो गया है। रोहिणी सेक्टर-37 का बस डिपो करीब करीब तैयार हो गया है। बुराड़ी-1 और बुराड़ी-2 में नया डिपो बनाया जा रहा है। यहां से बसें चलेंगी और दूर दराज के इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों को फायदा होगा। नरेला में भी दस एकड़ में 240 बसों का डिपो बनाया जा रहा है। द्वारका में दस एकड़ में डिपो बन रहा है। बुराड़ी-2 में भी दस एकड़ में डिपो बनाया जा रहा है। दिल्ली सरकार ने डीटीसी के बेड़े में शामिल होने वाली 300 लो फ्लोर इलेक्ट्रिक बसों के लिए डिपो फाइनल कर लिए हैं। इलेक्ट्रिक बसों के लिए जिन तीन डिपो को तैयार किया गया है, उनमें मुंडेला कलां, राजघाट-2 और रोहिणी डिपो शामिल है। नई इलेक्ट्रिक बसें इन्हीं तीन डिपो से चलाई जाएंगी। मुंडेला कलां से 100 इलेक्ट्रिक बसें, राजघाट-2 से 50 और रोहिणी डिपो से 150 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी।
डीटीसी बोर्ड की मीटिंग में 1245 नई-बसों को लाने के प्रस्ताव को मंजूर किया गया है। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत की अध्यक्षता में हुई बोर्ड मीटिंग में 1015 इलेक्ट्रिक बसों और 230 सीएनजी बसों को लाने का प्रस्ताव लाया गया था। तय किया गया है कि इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए दिल्ली सरकार के पास भेजा जाएगा। डीटीसी बोर्ड ने टेंडर प्रोसेस के लिए डिम्ट्स को नियुक्त करने का फैसला भी किया है।
परिवहन विभाग पहले ही 4261 ई-ऑटो के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित कर चुका है। दिल्ली सरकार ने विशेष रूप से कुल पंजीकरण का 33 प्रतिशत महिला आवेदकों के लिए आरक्षित किये हैं। ई-ऑटो जल्द ही डीटीसी बेड़े में शामिल होने वाली इलेक्ट्रिक बसों के अनुरूप नीले रंग के होंगे। वहीं महिलाओं द्वारा पंजीकृत ई-ऑटो गुलाबी रंग का होगा। ई ऑटो पंजीकरण के लिए विभाग को 9 हजार से ज्यादा आवेदन मिल चुके हैं, जिसमें से 300 आवेदन महिलाओं के हैं। परिवहन मंत्री का कहना है कि महिलाओं के लिए आवेदन का समय बढ़ाया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं आवेदन करें। दिल्ली सरकार ई-ऑटो की खरीद पर प्रति ई-ऑटो 30,000 रुपये का परचेज इंसेंटिव प्रदान कर रही है और पैनल में शामिल एजेंसियों के माध्यम से 5 प्रतिशत ब्याज सबवेंशन के साथ आकर्षक ऋण की सुविधा प्रदान कर रही है। ई-ऑटो की खरीद पर रजिस्ट्रेशन फीस और रोड टैक्स में छूट भी दे रही है।