पीपीई किट और वेंटिलेटर खरीदने के नाम पर 4 करोड़ रुपये की ठगी, कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा


गाजियाबाद ब्यूरो। मुंबई में पुलिसकर्मियों के इलाज, पीपीई किट, वेंटिलेटर और अन्य उपकरण खरीदने के टेंडर के नाम पर प्रॉपर्टी डीलर से 4 करोड़ रुपये की ठगी हुई है। गाजियाबाद निवासी पीड़ित पवन मावी ने बताया कि जालसाज ने केंद्र सरकार से मिले करोड़ों के टेंडर का झांसा देकर उनसे ठगी की। कोर्ट के आदेश पर इंदिरापुरम थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। पीड़ित ने बताया कि वह नीति खंड प्रथम में स्वान बिल्डर्स के नाम से कारोबार करते हैं और बिल्डिंग निर्माण करते हैं। वह ग्रेटर नोएडा के एनआरआई सिटी पुतिन ग्रीन में रहते हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी से उनकी भेंट रिश्तेदारों के जरिये हुई थी, तब आरोपित ने उसने खुद को बड़ा कारोबारी और मुंबई के साईंधाम फाउंडेशन का कर्ताधर्ता बताया था। उसने कहा था कि देशभर में चल रहे साईंधाम अस्पताल का वह ट्रस्टी है। पिछले साल मार्च में कोरोना संक्रमण शुरू होने के बाद ठग ने पीड़ित से कहा कि सरकार की ओर से उसकी एक संस्था को मुंबई में 55 हजार पुलिसकर्मियों और सीआईएसएफ कर्मचारियों के कोविड इलाज के लिए पीपीई किट, वेंटिलेटर और अन्य उपकरण खरीदने का टेंडर मिला है। वह उसके झांसे में आकर दो बार में 2 करोड़ रुपये दे दिए। आरोपी ने यह रकम एक महीने में वापस करने को कहा था।
इस बीच आरोपी ने उनसे कहा कि 2 करोड़ रुपये की और जरूरत है। सरकार से उसे 50 करोड़ रुपये की पेमेंट मिलनी है। 4 करोड़ रुपये वह साढ़े चार महीने में लौटा देगा। आरोप है कि समय बीत जाने के बाद भी आरोपी ने उनका पैसा वापस नहीं किया। बाद में उन्हें 4 करोड़ रुपये का चेक दिया था, जो बाउंस हो गया। बैंक से पता चला कि चेक देने से पहले ही आरोपित ने अपना खाता बंद करा दिया था। पवन ने बताया कि उन्होंने इस मामले में पुलिस से शिकायत की, लेकिन केस दर्ज नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अदालत के आदेश पर साईं धाम फाउंडेशन शिरडी सांई बाबा मेडिकल रिसर्च इंडस्ट्रीज मुंबई और डॉ. सुमन बंदोपाध्याय निवासी पश्चिमी बंगाल के खिलाफ नामजद और कुछ अज्ञात पर धोखाधड़ी समेत संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है।