5जी नेटवर्क के लिए दिल्ली में लगेंगे 20 हजार सेल टावर


दिल्ली ब्यूरो। 5जी तकनीक के उपयोग व ऐप्लिकेशन के परीक्षण के लिए केंद्र सरकार की अनुमति के बाद दिल्ली में इस तकनीक के बेहतर इस्तेमाल के लिए मोबाइल ऑपरेटरों ने सेल टावर लगाने के लिए साउथ एमसीडी से अनुमति मांगी है। 5जी नेटवर्क के 20 हजार सेल टावर लगाने की पेशकश कंपनियों ने की है। 3जी व 4जी सेल टावर की तुलना में 5जी सेल टावर्स की दूरी काफी कम होगी, ताकि नेटवर्क स्पीड बेहतर हो। बताया जाता है कि कंपनियों ने 40-50 मीटर की दूरी पर सेल टावर्स लगाने की बात कही है।
साउथ एमसीडी अफसरों के अनुसार, 5जी तकनीक के उपयोग व ऐप्लिकेशन लिए केंद्र ने मोबाइल कंपनियों को परीक्षण की अनुमति दे दी है। कुछ कंपनियों को स्पेक्ट्रम भी अलॉट किया जा चुका है। अब मोबाइल टावर ऑपरेटर्स इस तकनीक के इस्तेमाल के लिए दिल्ली में छोटे-छोटे सेल टावर्स लगाने की प्लानिंग कर रहे हैं। इसके लिए एमसीडी से उन्होंने उचित स्थान उपलब्ध कराने की मांग की है। यहां 5जी नेटवर्क के लिए कुल 20 हजार सेल टावर्स लगाने की मांग मोबाइल टावर ऑपरेटरों ने की है। इतनी बड़ी संख्या में मोबाइल टावर्स के लिए जमीन देने के लिए स्मार्ट तकनीक का प्लान किया जा रहा है, ताकि उस जगह का बेहतर इस्तेमाल हो सके और एक ही जगह लोगों को कई सारी सुविधाएं मिले। इसके लिए यह प्लान बनाया गया है कि जिन इलेक्ट्रिक पोल्स पर इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए ई-चार्जिंग स्टेशन लगाया जा रहा है, उसी पोल को सेल के लिए भी इस्तेमाल किया जाए। इसके अलावा उस पोल पर ही वाई-फाई और दूसरी कुछ सुविधाओं को इंटीग्रेट किया जाए। इसलिए ऐसे जगहों की पहचान एमसीडी कर रही है।
यह भी कहा जा रहा है कि 5जी नेटवर्क के लिए जो सेल टावर्स लगाए जाएंगे, उसका साइज काफी छोटा है। इसलिए उन्होंने लगाने के लिए डिस्टेंस काफी कम होना चाहिए। दो सेल टावर के बीच अधिकतम दूरी 40-50 मीटर की होनी चाहिए या इससे भी कम हो। अफसरों का कहना है कि 5जी सेल टावर के लिए पहले से जो मोबाइल टावर पॉलिसी है, उसे के तहत रेगुलेट किया जाएगा।