अवैध निर्माण पर जीडीए की आंखें बंद, गर्दन बचाने को भेजे 534 नोटिस


गाजियाबाद ब्यूरो। शहर में अवैध और नक्शे के विपरीत निर्माण का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। गोविंदपुरम से सटी कॉलोनी में रिश्वत लेकर अवैध निर्माण के मामले के वायरल हुए वीडियो ने पूरी सच्चाई सामने लाकर रख दी है। रिश्वत लेने का मामला उजागर होने और दो कर्मचारियों के निलंबित होने के बावजूद अवैध निर्माण पर जीडीए अधिकारियों ने आंखें बंद कर रखी हैं। वायरल वीडियो के अगले दिन ही जोन-तीन में धड़ल्ले से अवैध निर्माण होता हुआ पाया गया। अवैध निर्माण के मामलों में भेजे जाने वाले नोटिस केवल गर्दन बचाने का जरिया बन गया है।
छह माह में 534 नोटिस जारी, कार्रवाई 167 पर
अवैध और नक्शे के विपरीत निर्माण में जीडीए की ओर से बीते छह माह में करीब 534 नोटिस जारी किए गए हैं। लेकिन जारी किए गए नोटिस में 167 पर ही सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। सबसे ज्यादा अवैध निर्माण के मामले जोन-दो के मोदीनगर-मुरादनगर, जोन-सात में राजेंद्रनगर, शालीमार गार्डन, श्यामपार्क और जोन-छह के इंदिरापुरम क्षेत्र में सामने आए हैं। दूसरी ओर नक्शे के विपरीत सबसे ज्यादा निर्माण के मामले जोन-चार के शास्त्रीनगर, अवंतिका, चिरंजीव विहार, प्रताप विहार में सामने आ रहे हैं। यहां पहले तो जीडीए की ओर से बिल्डिंग पर सीलिंग का नोटिस चस्पा कर दिया जाता है। दो तीन माह बाद नोटिस गायब होने के साथ अवैध निर्माण बनकर तैयार हो जाता है।
आरोपी कर्मचारियों पर दर्ज नहीं हुआ मुकदमा:
वायरल वीडियो में जीडीए के सुपरवाइजर और वर्कमेट के निलंबन के बाद जीडीए अधिकारियों ने दोनों पर मुकदमा दर्ज कराने की बात कही। जीडीए अधिकारियों की ओर से मंगलवार को कर्मचारियों के खिलाफ सिहानी गेट थाने में तहरीर देने की बात कही गई। दूसरी ओर पुलिस मामले में कोई शिकायत न मिलने की बात कह रही है। सिहानी गेट थाना प्रभारी का कहना है कि मामले में प्राधिकरण से कोई तहरीर अब तक प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।
वायरल वीडियो प्रकरण में जेई के खिलाफ कार्रवाई की शासन को संस्तुति की गई है। ऐसे में आरोपों को निराधार बताते हुए उत्तर प्रदेश प्राधिकरण डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ जेई के बचाव में उतर आया है। संघ के अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश द्विवेदी ने कहा कि वायरल वीडियो में जेई ने पैसे लेने की कोई बात नहीं की है। वह कर्मचारियों की ओर से लिए गए पैसे खुद वापस करने की बात कर रहे हैं। ऐसे में आला अधिकारियों से मामले में न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग की गई है।
रिश्वत लेने के दोषी कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है। जोन-तीन में अवैध निर्माण होने का मामला गंभीर है। अवैध निर्माण की स्थलीय जांच कराकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। -- सीपी त्रिपाठी, अपर सचिव, जीडीए


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