यति नरसिंहानंद पर दर्ज हैं 80 मुकदमे, पुलिस कर रही गुंडा एक्ट लगाने की तैयारी


गाजियाबाद ब्यूरो। डासना देवी मंदिर के महंत एवं महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद नंद गिरी पर पुलिस ने गुंडा एक्ट की कार्रवाई के लिए दूसरी बार फाइल भेजी है। इससे पहले 2016-17 में फाइल भेजी गई थी। महामंडलेश्वर पर विभिन्न जनपदों में कई मुकदमे दर्ज हैं, जिसमें से गाजियाबाद में 13 मुकदमे मौजूदा समय में चल रहे हैं।
यति नरसिंहानंद गिरी पर महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करने, आत्महत्या के लिए उकसाने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हुए हैं। एसएसपी पवन कुमार ने बताया कि महंत पर 13 मुकदमे दर्ज हैं। गुंडा एक्ट की फाइल बनाकर प्रशासन को भेज दी गई है। फाइल एसडीएम के पास है। वहां से फाइल लौटकर एसपी देहात के पास आएगी। उसके बाद जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने गुंडा एक्ट की फाइल बनाकर प्रशासन को भेज दी है। एसडीएम के पास फाइल गई है। यहां से मजिस्ट्रेट गुंडा एक्ट लगाने पर निर्णय लेंगे। वह धाराएं देंगे, उसके बाद गुंडा एक्ट लगाएंगे। यदि फाइल में कोई कमी होगी तो पुलिस को वापस भेज दी जाएगी।
पहले भी गुंडा एक्ट की कार्रवाई के लिए भेजी गई फाइल
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2016-17 में यति नरसिंहानंद के खिलाफ गुंडा एक्ट लगाने के लिए फाइल प्रशासन के पास भेजी गई थी, लेकिन उस दौरान गुंडा एक्ट की कार्रवाई नहीं की गई। भड़काऊ भाषण देने, बार-बार माहौल खराब करने, पुलिस पर दबाव बनाने, पुलिस को गलत साबित करने और महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करने समेत अन्य मुकदमों को आधार बनाया है।
पुलिस ने मेरी हत्या का लिया पैसा, मेरे पर नहीं है कोई अपराधिक मुकदमा
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद ने कहा कि पुलिस के अधिकारियों ने मेरी हत्या का पैसा ले लिया है। मेरे ऊपर कोई भी आपराधिक मुकदमा नहीं है। किस आधार पर पुलिस गुंडा एक्ट लगा रही है। हमारे ऊपर सभी मुकदमे ऐसे हैं जो धार्मिक स्थलों पर गया हूं। मैं योगी आदित्यनाथ लड़ा और उनके कार्यक्रम में गया वहां भी मेरे पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया। पुलिस नाकाम है, इसलिए इस तरह की कार्रवाई कर रही है। मेरे पर केवल तीन मुकदमे चल रहे हैं, पुलिस छवि खराब कर रही है।
बुलंदशहर के दीपेंद्र से महामंडलेश्वर तक का सफर
बुलंदशहर के शिकारपुर तहसील के हिरनौट गांव के निवासी दीपक त्यागी से महामंडलेश्वर बनने तक का यति नरसिम्हानंद का सफर चुनौती भरा रहा। दीपक त्यागी के पिता राजेश्वर दयाल त्यागी सेना के सीडीएस विभाग में नौकरी करते थे। दीपक त्यागी की पढ़ाई की शुरूआत मेरठ में हुई। उसके बाद हापुड़ के चौधरी ताराचंद इंटर कॉलेज में पढ़े। 12वीं के बाद वह पढ़ाई के लिए मास्को चले गए। वहां से उन्होंने एमटेक किया। 1992 में उन्होंने मैथमेटिक्स ओलंपियाड में रिकॉर्ड बनाया, जिसको चार साल तक कोई नहीं तोड़ पाया था। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह कपड़ों की ट्रेडिंग करने लगे। काम के सिलसिले में कई जगहों पर गए। लंदन में नौकरी की। मां की बीमारी को बाद वह कारोबार अपने छोटे भाई को सौंपकर भारत आ गए। 1996 में उनकी शादी हुई। यति नरसिंहानंद के शिष्य अनिल यादव ने बताया कि यहां आने के बाद उन्होंने राजनीति में अपने कदम बढ़ाए और सपा के महानगर अध्यक्ष बने। शंभू दयाल इंटर कॉलेज के सामने अपना कार्यालय बनाया। वह युवाओं को इंजीनियरिंग पढ़ाते थे। वहीं से उनके जीवन में एक नया मोड़ आया। 1998 में एक त्यागी समाज की लड़की ने उनसे लव जिहाद के बारे में शिकायत की। जिस पर उन्होंने भरोसा नहीं किया। छह महीने के बाद उस लड़की ने आत्महत्या कर ली, जिसके बाद वह व्यथित हो गए। इस घटना के बाद उन्होंने इस्लाम को जानना शुरू किया और किताबें पढ़ी। इसके बाद वह भाजपा नेता बीएल शर्मा के संपर्क में आए और उनको गुरू मान लिया और वहां से उन्होंने धर्म की रक्षा का अभियान शुरू किया।
2001 के बाद ले लिया सन्यास
यति नरसिम्हानंद सरस्वती ने बताया कि उन पर 70-80 केस चल रहे हैं। 2001 में मां की मृत्यु हो गई और पुलिस की दबिश और अन्य कारणों से परिवार प्रभावित होने लगा तब उन्होंने दो साल की बेटी और पत्नी को छोड़कर सन्यास ले लिया। 2002 में ब्रहानंद सरस्वती से दीक्षा ली और यति नरसिंहानंद सरस्वती बन गए। कुछ दिनों तक दूधेश्वरनाथ मंदिर में रहे। संत समाज ने यति नरसिंहानंद सरस्वती को डासना देवी मंदिर का महंत बनाया। मंदिर के महंत मौनी बाबा, गणेश गिरि की हत्या हो चुकी है।
मंदिर में बनाया जिम
उन्होंने अभी तक 12 हिंदू संसद और नौ धर्म संसद आयोजित की हैं। धर्म विशेष के बारे में टिप्पणी करने के बाद अरब देशों नेे उनके सिर पर इनाम घोषित किया था। धर्म पर बेबाक टिप्पणी के लिए वह जाने जाते हैं। उन्होंने मंदिर परिसर में जिम तैयार किया है। उनका कहना है कि अगर कोई उनका सिर काटने आए तो वह लड़ सकें इसलिए 50 की उम्र में खुद को तैयार कर रहे हैं।। इसके अलावा युवाओं पुलिस प्रशिक्षण देने के लिए मंदिर में योगधाम का निर्माण किया जा रहा है।