बुजुर्ग और दिव्यांगों को मिलने वाली पेंशन के 88 लाख धोखाधड़ी से निकाले


दिल्ली ब्यूरो। साउथ एमसीडी अलग-अलग जिन गरीबों को पेंशन देती है, उसमें से करीब 700-800 लोगों के पेंशन के करीब 88 लाख रुपये किसी ने बैंक से धोखाधड़ी कर निकाल लिए हैं। मामले का खुलासा होने के बाद एमसीडी ने थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। मामले में पुलिस जांच कर रही है। जिन-जिन वॉर्डों में लोगों के पैसे धोखाधड़ी से निकाले गए हैं, उन वॉर्डों के पार्षद लोगों को पैसे देने की मांग एमसीडी अफसरों से कर रहे हैं।
खानपुर वॉर्ड के पार्षद सुरेश कुमार गुप्ता के अनुसार एमसीडी अलग अलग कैटिगरी में गरीब विधवाओं, दिव्यांग व बुजुर्ग, किन्नर को हर महीने एक हजार रुपये पेंशन देती है। पहले पेंशन वितरण चेक के माध्यम से होता था। दिसंबर, 2019 में किसी ने बैंक से धोखाधड़ी कर साउथ जोन के करीब 700-800 पेंशन लाभार्थियों के पैसे निकाल लिए। उस समय पेंशन के करीब 88 लाख रुपये निकाले गए। लोगों को जब कई महीने तक बकाया पेंशन नहीं मिला, तो वे शिकायत करने लगे। एमसीडी अफसरों ने कहा कि उन्होंने तो चेक जारी कर दिए है। मामले में एमसीडी अफसरों ने जब बैंक में छानबीन की तो पता चला कि मुंबई से किसी व्यक्ति ने पैसे निकाले हैं। बैंक ने अपनी गलती मानते हुए, एमसीडी को पैसे वापस देने का भरोसा दिया। लेकिन, दो साल बाद भी पेंशन के वह बकाया पैसे लोगों को नहीं मिला है।
साउथ एमसीडी अफसरों का कहना है कि इस मामले में थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। लेकिन, फ्रॉड करने वाला अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। बैक ने अपनी गलती मानते हुए एमसीडी को पैसे वापस करने की बात कही है। पेंशन वितरण चेक से करने पर इस तरह के धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद अब, पेंशन के पैसे सीधे लाभार्थियों के अकाउंट में जारी किया जाता है।

Popular posts from this blog

उत्तर पूर्वी जिला पुलिस ने ऑपरेशन अंकुश के तहत छेनू गैंग के चार बदमाशों को किया गिरफ्तार

जीटीबी एंक्लेव थाने में तैनात दिल्ली पुलिस की महिला एसआई ने लगा ली फांसी, पुलिस ने बचाई जान

रोटरी क्लब इंदिरपुरम परिवार के पूर्व प्रधान सुशील चांडक को ज़ोन २० का बनाया गया असिस्टंट गवर्नर