मेट्रो का अजूबा! दिल्ली में रोड के नीचे अंडरपास, ऊपर फ्लाईओवर, उसके ऊपर मेट्रो!


दिल्ली ब्यूरो। मेट्रो के फेज-4 के तहत मजलिस पार्क से मौजपुर के बीच मेट्रो की पिंक लाइन का जो नया कॉरिडोर तैयार हो रहा है, उसी पर डीएमआरसी और दिल्ली सरकार का लोक निर्माण विभाग मिलकर अपनी तरफ की पहली और एक बेहद अनूठी परियोजना पर काम कर रहे हैं। इसके तहत यमुना के सूर घाट के पास एक ऐसा इंटिग्रेटेड स्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है, जिसमें सड़क के नीचे गाड़ियों की आवाजाही के लिए एक अंडरपास होगा, सड़क के ऊपर से भी गाड़ियां निकल सकेंगी, उसके ऊपर एक फ्लाईओवर भी होगा और फ्लाईओवर के ऊपर ही एलिवेटेड मेट्रो लाइन का वायाडक्ट भी बनाया जाएगा, जहां से मेट्रो गुजरेगी। दोनों एजेंसियों ने मिलकर इस पर काम भी शुरू कर दिया है।
डीएमआरसी के अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह परियोजना अपने आप में इंजीनियरिंग का एक अनूठा उदाहरण साबित होगी। इसके लिए एकीकृत पोर्टलों का निर्माण किया जाएगा, जिन पर फ्लाईओवर के साथ ही मेट्रो के वायाडक्ट भी रखे जाएंगे। पोर्टल के एक तरफ मेट्रो का वायाडक्ट बनाया जाएगा, तो दूसरी तरफ का हिस्सा वाहनों की आवाजाही के लिए फ्लाईओवर के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। जिन पोर्टलों पर रोड फ्लाईओवर और मेट्रो के वायाडक्ट टिके होंगे, वे करीब 450 मीटर की दूरी तक एक दूसरे के समानांतर चलेंगे। इसके लिए औसतन 26 मीटर चौड़े और 10 मीटर ऊंचाई वाले कुल 21 पोर्टलों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा इन पोर्टलों के नीचे गाड़ियों की आवाजाही के लिए अंडरपास का निर्माण भी किया जाएगा, जिसके जरिए आउटर रिंग रोड की तरफ से आने वाला ट्रैफिक बिना रुके आगे यमुनापार की तरफ निकल सकेगा। इससे इस पूरे इलाके में ट्रैफिक स्मूद हो जाएगा और जाम की समस्या लगभग खत्म हो जाएगी।
मेट्रो के वायाडक्ट की चौड़ाई जहां लगभग 10.5 मीटर होगी, वहीं उसके समानांतर बनने वाले फ्लाईओवर की चौड़ाई करीब 10 मीटर होगी, जिस पर तीन लेन की सड़क बनेगी। पीडब्लूडी का यह प्रस्तावित फ्लाईओवर सूर घाट के पास बने उसी फ्लाईओवर के समानांतर बनेगा, जिसका इस्तेमाल अभी लोग वजीराबाद से आईएसबीटी जाने के लिए करते हैं। डीएमआरसी यहां पोर्टल लगाकर उन पर मेट्रो के वायाडक्ट का निर्माण करेगी, जबकि पीडब्लूडी आगे चलकर जब अपनी एलिवेटेड रोड की अपनी परियोजना पर काम शुरू करेगी, तो यहां पहले से लगे हुए पोर्टलों के ऊपर फ्लाईओवर के सुपरस्ट्रक्चर का निर्माण करके उसे एक्सटेंड करेगी। इसके अलावा आउटर रिंग रोड से सिग्नेचर ब्रिज की तरफ ट्रैफिक के मूवमेंट को स्मूद बनाने के लिए डीएमआरसी यहीं पर एक अंडरपास का निर्माण भी करेगी, जो नजफगढ़ नाले के दूसरी ओर सड़क से मर्ज हो जाएगा।
दो साल में काम पूरा करने का लक्ष्य
डीएमआरसी ने 2023 तक इस काम को पूरा करने का लक्ष्य रखा है और पोर्टल बनाने का काम भी शुरू किया जा चुका है, लेकिन कोविड की वजह से पैदा हुई अड़चनों के चलते कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र में जो अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है, उसे देखते हुए डीएमआरसी भविष्य में इस प्रोजेक्ट की डेडलाइन की समीक्षा कर सकती है और जरूरत पड़ने पर इसे बढ़ाया भी जा सकता है। फेज-4 के तहत डीएमआरसी पहले ही दो इंटिग्रेटेड डबल डेकर फ्लाईओवरों का निर्माण कर रही है, जिसमें मेट्रो वायाडक्ट और फ्लाईओवर एक-दूसरे के ऊपर बनाए जाएंगे, लेकिन यमुनापार में बनने वाला यह स्ट्रक्चर इसलिए अनूठा होगा, क्योंकि इसमें फ्लाईओवर और मेट्रो का वायाडक्ट, दोनों एक-दूसरे के समानांतर होंगे।