गाजियाबाद में फ्लाईओवर से नीचे सड़क पर जा गिरी बस, एक की मौत-छह घायल


गाजियाबाद ब्यूरो। गाजियाबाद के शहर कोतवाली इलाके में बुधवार रात अचानक उस वक्त अफरातफरी का माहौल हो गया, जब भाटिया मोड़ फ्लाईओवर पर रेलिंग तोड़ती हुई सवारियों से भरी एक बस नीचे जा गिरी। जैसे ही यह भयानक हादसा हुआ, पूरे इलाके में भगदड़ मच गई। बताया जा रहा है कि नीचे सड़क पर जा रहे एक बाइक सवार की बस से दबकर मौत हो गई। 6 लोगों के घायल होने की खबर है। जानकारी के अनुसार जीटी रोड पर एक बस टायर फटने से अनियंत्रित होकर फ्लाईओवर से नीचे गिर गई। बस ग्रेटर नोएडा से एलजी प्लांट के कर्मचारियों को छोड़ते हुए आ रही थी। बस की चपेट में आने से बाइक सवार की मौत हो गई। जबकि बस में सवार सात कर्मचारी घायल हो गए। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया।  
एसएसपी पवन कुमार ने बताया कि एलजी कंपनी की बस रोजाना गाजियाबाद के कर्मचारियों को लेने और छोड़ने आती थी। बुधवार को दिन की शिफ्ट खत्म होने के बाद बस कर्मचारियों को छोड़ते हुए आ रही थी। रात करीब पौने 9 बजे लालकुआं से गाजियाबाद आते वक्त बस जैसे ही भाटिया मोड़ फ्लाईओवर पर पहुंची तो उसका अगला टायर फट गया। इससे अनियंत्रित हुई बस डिवाइडर तोड़ते हुए गलत दिशा में जा पहुंची और सामने से आ रहे बाइक सवार को चपेट में लेते हुए फ्लाईओवर से नीचे गिर गई। बाइक सवार युवक की फ्लाईओवर पर ही मौत हो गई। युवक की शिनाख्त नहीं हुई है।
शीशे तोड़कर बाहर निकाले कर्मचारी
बस के नीचे गिरते ही बस में मौजूद कर्मचारियों में चीख पुकार मच गई। धमाके की आवाज सुनकर ईद-गिर्द बसे दौलतपुरा के लोग मौके पर दौड़ पड़े। उन्होंने शीशे तोड़कर कर्मचारियों को बाहर निकाला और उन्हें अपने वाहनों से नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। घायल होने वाले में बस में सवार सुनील, आसिफ और दीपक के नाम सामने आए हैं, जबकि बाइक और मोबाइल चकनाचूर होने के कारण मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी है। अन्य घायलों को किस अस्पताल में भर्ती कराया गया, पुलिस इसकी जानकारी कर रही है।
अफसर दौड़े, शहर भर की पुलिस मौके पर पहुंची
घटना की जानकारी लगते ही डीएम राकेश कुमार सिंह, एसएसपी पवन कुमार, सीएफओ सुनील कुमार सिंह, एसपी सिटी निपुण अग्रवाल, एसपी ट्रैफिक रामानंद कुशवाहा मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू कराया। शहर के सभी थानों की पुलिस भी मौके पर बुला ली गई। स्वास्थ्य राज्य मंत्री अतुल गर्ग भी पहले घटना स्थल और फिर जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल चाल जाना।
पीपल के पेड़ ने बचा ली 15 लोगों की जान
जिस वक्त बस फ्लाईओवर से गिरी, उस समय सर्विस रोड पर करीब 15 लोग खड़े थे, लेकिन फ्लाईओवर की दीवार में उगे पीपल के पेड़ से बस अटकने के कारण लोगों को भागने का मौका मिल गया। पीपल के पेड़़ के साथ बस नीचे गिरी, जिसमें कुछ सेकेंड का वक्त लग गया। हादसे के समय मौजूद लोगों ने कहा कि यदि पीपल का पेड़ नहीं होता तो नीचे खड़े कई लोगों की जान जा सकती थी।
मुख्यमंत्री कार्यालय से ली जाती रही अपडेट
हादसे के बाद घायलों व मृतकों की जानकारी लेने के लिए लखनऊ से फोन घनघनाते रहे। मुख्यमंत्री कार्यालय, डीजीपी कार्यालय और खुद डीजीपी व मुख्य सचिव द्वारा स्थानीय अधिकारियों से पल-पल की अपडेट ली जाती रही। अधिकारियों को घायलों की हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए जाते रहे। घटना से अवगत कराने के बाद डीएम व एसएसपी द्वारा ट्विटर के जरिये एक की मौत और तीन घायल की सूचना सार्वजनिक की गई।
फ्लाईओवर पर तीसरी बार हुआ हादसा
भाटिया मोड़ फ्लाईओवर पर पहले भी दो बार इसी तरह का हादसा हो चुका है। हालांकि, एक बार बस और दूसरी बार में अन्य वाहन नीचे गिरा, लेकिन कम ऊंचाई से गिरने के कारण कोई हताहत नहीं हुआ। बुधवार को हुए तीसरे हादसे में एक व्यक्ति की जान गई।
ढाई घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
बस फ्लाईओवर से नीचे गिरने के बाद नीचे कुछ लोगों के दबे होने की आशंका थी। आनन-फानन में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और दो क्रेन बुलाकर बस को हटाने का काम शुरू कर दिया। ढाई घंटे मशक्कत के बाद बस को सर्विस रोड से उठाकर फ्लाईओवर पर लाया गया। बस के नीचे एक स्कूटी और बाइक चकनाचूर मिली। राहत की बात यह रही कि नीचे कोई दबा नहीं था।
रूट किया डायवर्ट 
जीटी रोड शहर की अति व्यस्त मार्गों में शुमार है। हादसे के बाद सैकड़ों की संख्या में लोग घटनास्थल पर इकट्ठा हो गए थे, लिहाजा जाम के हालात पैदा होने लगे। भाटिया मोड़ फ्लाईओवर पर जीटी रोड जाम न हो जाए, इसके लिए पुलिस को रूट डायवर्ट करना पड़़ा। लालकुआं की तरफ से लोहा मंडी और घंटाघर की तरफ से चौधरी मोड़ पर वाहनों को डायवर्ट कर दिया गया।