इंस्पेक्टर को हनीट्रैप में फंसाने की कोश‍िश में दरोगा सस्पेंड


नोएडा। यूपी के नोएडा में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां इंस्पेक्टर को फंसाने के चक्कर में दरोगा अपने ही बुने जाल में फंस गया। जांच के बाद दरोगा को मंगलवार को सस्पेंड कर दिया गया। दरअसल दरोगा ने कोतवाली प्रभारी को हनीट्रैप में फंसाकर रेप के आरोपी को गिरफ्तार कराने का दबाव बनाया था। गिरफ्तारी से इंकार करने पर दरोगा ने वीडियो कॉल का स्क्रीन शाट सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वायरल स्क्रीन शाट के दौरान कोतवाली प्रभारी पर महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाने का दवाब का आरोप लगाया गया। पुलिस अफसरों का कहना है कि दरोगा ने जान-बूझकर कोतवाली प्रभारी को बदनाम करने का प्रयास किया है।
पुल‍िस के अनुसार, ग्रेटर नोएडा निवासी एक महिला ने अपने लिव इन पार्टनर पर रेप का आरोप लगाते हुए कोतवाली में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसकी चार साल की बेटी भी है। महिला दारोगा के संपर्क में थी। बताया गया है कि रेप के आरोपी को जेल भिजवाने के लिए दरोगा ने कोतवाली प्रभारी को फोन किया था। लेकिन कोतवाली प्रभारी ने उसे जांच की बात कहकर जेल भेजने से इंकार कर दिया।
आरोप है कि दारोगा ने रेप पीड़िता से वीडियो कॉल कराई। इसके बाद उसका स्क्रीन शाट सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद विभागीय अफसरों में हड़कंप मच गया। इसकी जांच एसीपी फर्स्‍ट को सौंपी गई थी। महिला ने दिए बयान में कहा है कि लिव इन पार्टनर उसे और उसकी बेटी को पीट रहा था। कोतवाली प्रभारी को वीडियो कॉल कर मदद मांगी थी। जिसका स्क्रीन शॉट गलती से उसकी बेटी ने दरोगा को भेज दिया। उधर, कोतवाली प्रभारी का कहना है कि महिला ने वीडियो कॉल कर उनसे मदद मांगी थी।
जांच में सामने आया है कि दरोगा महिला को पहले से जानता था। डीसीपी अभिषेक ने बताया कि दरोगा मेनपाल ने जानबूझकर कोतवाली प्रभारी को बदनाम करने का प्रयास किया। दारोगा के खिलाफ सक्ष्य मिले हैं। दरोगा ने मेनपाल ने कार्यक्षेत्र से बाहर जाकर सरकार कार्य में बाधा उत्पन्न की है। जांच में तथ्य सही पाए जाने उसे सस्पेंड कर दिया गया है।